पुणे में टेक्नोलॉजी इंजीनियर गिरफ्तार, अल-कायदा से जुड़े होने का आरोप; ओसामा बिन लादेन का अनुयायी, महाराष्ट्र के कई शहरों में आतंकी हमले की थी योजना
महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को आतंकवादी संगठन अल-कायदा (Al-Qaeda) से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य के एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) ने सोमवार को यह कार्रवाई की। आरोपी के पास से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गई हैं, जिनमें ओसामा बिन लादेन के भाषण का उर्दू अनुवाद भी शामिल..
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को आतंकवादी संगठन अल-कायदा (Al-Qaeda) से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य के एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) ने सोमवार को यह कार्रवाई की। आरोपी के पास से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गई हैं, जिनमें ओसामा बिन लादेन के भाषण का उर्दू अनुवाद भी शामिल है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान जुबैर हंगरगेकर (Zubair Hungargekar) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, जुबैर के पास से AK-47 राइफल के साथ उसकी तस्वीरें और बम बनाते हुए फोटोज़ भी मिली हैं। वह कई राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल था और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में आतंकी हमले की योजना बना रहा था। वर्तमान में वह पुलिस हिरासत में है।
कौन है गिरफ्तार जुबैर हंगरगेकर?
एटीएस के मुताबिक, जुबैर हंगरगेकर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का रहने वाला है। वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में पुणे के कल्याणी नगर में काम करता था।
जुबैर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि मजबूत बताई जा रही है — उसे सॉफ्टवेयर टेस्टिंग और डेटाबेस डेवलपमेंट में विशेषज्ञता हासिल है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से उसकी गतिविधियों पर एटीएस की कड़ी निगरानी थी। करीब एक महीने तक निगरानी के बाद उसे कोंढवा इलाके से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि जुबैर को गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम — UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है और उसे 4 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। जांच में यह सामने आया है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था और आतंकी संगठन अल-कायदा से प्रेरित था।
क्या मिला जुबैर के पास से?
गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने जुबैर के घर और डिजिटल उपकरणों की तलाशी ली, जिसमें कई संदिग्ध तस्वीरें और दस्तावेज मिले। इनमें जुबैर की AK-47 राइफल चलाने की तस्वीरें और बम बनाने की प्रक्रिया के चित्र शामिल हैं।
साथ ही, ओसामा बिन लादेन के भाषण का उर्दू अनुवाद, कई कट्टरपंथी लेख और वीडियो भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस को शक है कि जुबैर के संपर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। कुछ दिन पहले एटीएस ने पुणे के कोंढवा इलाके में 25 स्थानों पर छापेमारी की थी, जो एक आतंकी फंडिंग केस से जुड़ी थी।
जांच एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि जुबैर ने किन लोगों से संपर्क किया, और क्या वह किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था।
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