भारत के विरोधियों को उपयुक्त जवाब है ‘ऑपरेशन सिंदूर’: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इतिहास में “आतंकवाद के खिलाफ मानवता की लड़ाई” के उदाहरण के रूप में दर्ज होगा और इस बात पर जोर दिया कि भारत की एकजुटता ही देश को बांटने की कोशिश करने वालों के लिए सबसे उपयुक्त जवाब..

भारत के विरोधियों को उपयुक्त जवाब है ‘ऑपरेशन सिंदूर’: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
15-08-2025 - 07:15 AM

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इतिहास में “आतंकवाद के खिलाफ मानवता की लड़ाई” के उदाहरण के रूप में दर्ज होगा और इस बात पर जोर दिया कि भारत की एकजुटता ही देश को बांटने की कोशिश करने वालों के लिए सबसे उपयुक्त जवाब है।

पहलगाम में आतंकियों द्वारा श्रद्धालुओं की धर्म के आधार पर अलग करने और हत्या करने की घटना का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, हमारे जवाब में जो सबसे उल्लेखनीय था, वह हमारी एकता थी — और यही उन लोगों को सबसे उपयुक्त जवाब था जो हमें बांटना चाहते थे।”

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में मुर्मू ने इन हत्याओं को “कायराना और पूरी तरह अमानवीय” बताया और कहा कि भारत ने “दृढ़ निश्चय और अटूट संकल्प” के साथ जवाब दिया। उन्होंने सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “रणनीतिक स्पष्टता और तकनीकी क्षमता” के साथ सीमा पार आतंकी ठिकानों को नष्ट किया।

मुर्मू ने कहा, दुनिया ने यह नोट किया है कि हम आक्रामक नहीं होंगे, लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा में जवाब देने से हिचकिचाएंगे भी नहीं।”

उन्होंने बताया कि सांसदों के बहु-दलीय प्रतिनिधिमंडल अन्य देशों से मिलकर भारत का पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं।

राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भर भारत के लिए एक “टेस्ट केस” करार देते हुए कहा कि इसने साबित किया कि भारत सही दिशा में है। उनके अनुसार, अब देशी रक्षा निर्माण से सुरक्षा की कई ज़रूरतें पूरी हो रही हैं — जो स्वतंत्रता के बाद से एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति जी ने “हमारे राष्ट्र की सामूहिक प्रगति और आगे की संभावनाओं” को रेखांकित किया और नागरिकों को उन बलिदानों की याद दिलाई जिन्होंने हमें स्वतंत्रता का मार्ग दिया।

अपने चौथे स्वतंत्रता दिवस संबोधन में मुर्मू ने विभाजन की पीड़ा को याद करने का आह्वान किया और इसके पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कश्मीर को नई रेल कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि शुभांशु शुक्ला का आईएसएस मिशन आने वाले गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए प्रेरणा बनेगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।