माघ मेला छोड़कर रवाना हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को “भारी मन” के साथ माघ मेला छोड़ दिया। उन्होंने 18 जनवरी से शंकराचार्य शिविर के बाहर धरना दे रखा था। यह धरना कथित तौर पर उन्हें संगम में पवित्र स्नान से रोके जाने के विरोध में..

माघ मेला छोड़कर रवाना हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
30-01-2026 - 10:49 AM

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को “भारी मन” के साथ माघ मेला छोड़ दिया। उन्होंने 18 जनवरी से शंकराचार्य शिविर के बाहर धरना दे रखा था। यह धरना कथित तौर पर उन्हें संगम में पवित्र स्नान से रोके जाने के विरोध में था। माघ मेला परिसर से रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि उनके मन की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना बेहद कठिन है।

उन्होंने कहा, “संगम में स्नान करना अंतरात्मा की तृप्ति का मार्ग है, लेकिन आज मेरा मन इतना व्यथित है कि मैं बिना स्नान किए ही यहां से लौट रहा हूं।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगे कहा, “आज शब्द मेरा साथ नहीं दे रहे हैं और मेरी आवाज भी भारी हो गई है। हम प्रयागराज की इस पवित्र भूमि पर आध्यात्मिक शांति की तलाश में आते हैं, लेकिन आज हम एक ऐसी खालीपन और बोझिल मनःस्थिति के साथ लौट रहे हैं, जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी।” उन्होंने कहा कि प्रयागराज में हुई घटनाओं ने उनके अंतर्मन को झकझोर दिया है और न्याय व मानवता में सामूहिक आस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में सवार होकर संगम—गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के संगम—की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विवाद उत्पन्न हो गया, जब प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने भारी भीड़ का हवाला देते हुए उनसे पालकी से उतरकर पैदल ही स्नान के लिए आगे बढ़ने को कहा।

मेला प्रशासन का आरोप है कि शंकराचार्य और उनके समर्थकों ने एक पोंटून पुल पर लगी बैरिकेडिंग तोड़ दी और घाटों की ओर बढ़ गए, जिससे स्थिति को संभालने में पुलिस को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

इस घटना के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस-प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। अंततः वह बुधवार को बिना पवित्र स्नान किए ही माघ मेला छोड़कर रवाना हो गए।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।