पीटी उषा ने कहा - पहलवानों का प्रदर्शन अनुशासनहीनता, पहलवानो ने कहा महिला हो कर खुद संघर्ष करने वाली एथलीट से निराशा
<p>भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के धरने का आज छठवां दिन है। प्रदर्शनकारी पहलवानों पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा ने बृहस्पतिवार को नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन अनुशासनहीनता है और इससे देश की छवि खराब हो रही है । </p> <p><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1682671036pt_usha.jpg" style="height:174px; width:290px" /></p>
पीटी उषा के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए धरने पर बैठे बेहद निराशा व्यक्त की है। जानते हैं क्या है मामला
क्या कहा था पी टी उषा ने
पीटी उषा ने गुरुवार को कहा कि पहलवानों को डब्ल्यूएफआई और उसके अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सड़कों पर उतरने के बजाय आईओए से संपर्क करना चाहिए था, जिन पर पहलवानों ने एथलीटों के यौन उत्पीड़न और कुप्रबंधन का आरोप लगाया था।
"भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) में यौन उत्पीड़न के लिए एक समिति है, सड़कों पर जाने के बजाय वे (विरोध करने वाले पहलवान) पहले हमारे पास आ सकते थे लेकिन वे IOA में नहीं आए। यह खेलों के लिए अच्छा नहीं है, केवल पहलवानों के लिए ही नहीं, उनमें कुछ अनुशासन भी होना चाहिए," उषा ने मीडिया से कहा।
पीटी उषा की टिप्पणियों से पीड़ितों में निराशा .... पढ़िए किसने क्या कहा
उषा की टिप्पणियों से पहलवानों ने निराशा व्यक्त की है।
साक्षी मालिक
साक्षी मालिक ने उषा को प्रेरणास्त्रोत बताते हुए अनुशासनहीनता न होने की बात कही “एक महिला एथलीट होने के नाते, वह (पीटी उषा) अन्य महिला एथलीटों की बात नहीं सुन रही हैं। हमने बचपन से उनका अनुसरण किया है और उनसे प्रेरित हुए हैं। यहां अनुशासनहीनता कहां है, हम यहां शांति से बैठे हैं.."साक्षी मलिक ने मीडियाकर्मियों से कहा।
गीता फोगाट
दंगल गर्ल अन्तर्राष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट भी पहलवानों के समर्थन में आ गई हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा- सत्य परेशान हो सकता है, पर पराजित नहीं। उनकी बहन बबीता फोगाट भी यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए बनी कमेटी पर सवाल खड़ी कर चुकी हैं।
विनेश फोगाट
सीडब्ल्यूजी और विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगट ने भी उषा की टिप्पणियों को "असंवेदनशील" कहा। “हम संविधान के अनुसार रहते हैं और स्वतंत्र नागरिक हैं। हम कहीं भी जा सकते हैं। अगर हम बाहर सड़कों पर बैठे हैं, तो कोई न कोई कारण होगा, कोई कारण होगा कि हमारी बात किसी ने नहीं सुनी, चाहे वह आईओए हो या खेल मंत्रालय। उनका यह कहना असंवेदनशील है। मैंने उन्हें फोन भी किया, लेकिन उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया, ”विनेश ने कहा।
बजरंग पूनिया
ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया ने भी कहा, "उनसे इतने कड़े बयान की उम्मीद नहीं थी। जब वह ये बातें कहती हैं तो दुख होता है क्योंकि वह आईओए प्रमुख हैं और खुद एक महिला है। साथ ही वह मीडिया के सामने अपनी अकादमी के लिए रोईं थीं । वह चाहती हैं कि हम आईओए से संपर्क करें, लेकिन हम वहां तीन महीने पहले गए, लेकिन कोई न्याय नहीं मिला।"
संगीता फोगाट
“हमें पहले न्याय नहीं मिला। हम पहले न्याय के लिए लड़ रहे थे और अब हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं। हम ऐसा तब तक करते रहेंगे जब तक आरोपी को सजा नहीं मिल जाती। इसलिए हम यहां विरोध जारी रखेंगे। लड़कियों ने उस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है इसलिए प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और उसे अधिनियमों के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए। जैसा कि आप देख सकते हैं कि कोई भी हमारे पास नहीं आया, हमें कोई फोन कॉल नहीं आया, किसी ने हमें नहीं बताया कि हमें न्याय मिलेगा, ”संगीता फोगाट ने कहा।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा
वही केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा - "जंतर-मंतर पर बैठे पहलवानों के साथ मैं 12 घंटे बैठा। उनकी बात सुनी, कमेटी बनाई, हम निष्पक्ष जांच चाहते थे। पहलवानों के कहने पर ही बबीता फोगाट को कमेटी में शामिल किया गया। हर किसी को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। किसी भी थाने में कोई भी प्राथमिकी दर्ज करा सकता है। पुलिस ने कहा कि प्राथमिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। मोदी सरकार हमेशा खिलाड़ियों के साथ खड़ी रही है। हमारे लिए खेल प्राथमिकता है, जिसके साथ हम कोई समझौता नहीं करेंगे। "
गौरतलब है कि आईओए ने कुश्ती महासंघ के कामकाज के संचालन के लिये चुनाव होने तक एक तदर्थ समिति का गठन किया है जिसमें पूर्व निशानेबाज सुमा शिरूर, भारतीय वुशू संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाजवा और उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत न्यायाधीश हैं जिनका नाम अभी तय नहीं हुआ है।
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