अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन: उपराष्ट्रपति धनखड़ ने किया उद्घाटन
<p><em><strong>83वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन जयपुर स्थित राजस्थान विधानसभा में बुधवार से शुरू हुआ। मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया।</strong></em></p>
83वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन जयपुर स्थित राजस्थान विधानसभा में बुधवार से शुरू हुआ। मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया। समारोह की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं। वहीं, विशिष्ठ अतिथि के तौर पर राज्य सभा उपसभापति हरिवंश, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद रहे। सम्मेलन में स्वागत उद्बोधन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने दिया।
विधानमंडलों को मिले वित्तीय स्वायत्तता
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी ने कहा कि सदन ज्यादा दिन चले इसके लिए कानून बनाया जाना चाहिए। वहीं विधानमंडलों को सशक्त करने के लिए उन्हें वित्तीय स्वायत्तता देने की भी आवश्यकता है। वहीं न्यायपालिका और विधायिका के बीच संबंध बेहतर रहे इस बारे में भी विचार करने की जरुरत है। उन्होंने उद्बोधन के दौरान सीएम गहलोत से राजस्थान विधानसभा को देश में पहला वित्तीय स्वायत्तता वाली विधानसभा बनाने का आग्रह किया।
स्पीकर को सदन बुलाने का अधिकार नहीं, दुर्भाग्य
विधानसभा अध्यक्ष डॉ जोशी ने स्पीकर की भूमिका पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि विधानसभा स्पीकर को सदन बुलाने तक का अधिकार नहीं है। स्पीकर का काम सिर्फ सदन चलाने का ही है।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने सम्मेलन में स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि ये गौरव का विषय है कि इस बार के पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की मेजबानी राजस्थान कर रहा है। वहीं खुशी इस बात की भी है कि देश की दो महत्वपूर्ण संस्थाएं लोकसभा और राज्यसभा के अध्यक्ष दोनों इस सदन के सदस्य रह चुके हैं।
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