चर्चा में है अढ़ाई दिन का झोपड़ा... क्या है माजरा ? ऐसा क्या कह दिया भाजपा सांसद ने 

<p>भाजपा सांसद रामचरण बोहरा जो कि जयपुर शहर लोकसभा सीट से सांसद हैं उन्होंने हाल ही में एक बड़ा बयान दे दिया है जिसके चलते वे विवादों में घिरते नज़र आ रहे हैं। सांसद बोहरा ने जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि अब वो दिन दूर नहीं जब अजमेर के ढाई दिन के झोपड़े में भी संस्कृत मंत्र गूंजेंगे। आपको बता दें कि अजमेर में स्थित ढाई दिन का झोपड़ा एक मस्जिद है जिसमें संस्कृत के मंत्रोच्चारण का बयान देकर बोहरा चर्चा में आ गए हैं। उनके इस बयान को लेकर लोग कयास लगा रहे हैं कि क्या उस मस्जिद को तोड़ने की तैयारी है।</p>

चर्चा में है अढ़ाई दिन का झोपड़ा... क्या है माजरा ? ऐसा क्या कह दिया भाजपा सांसद ने 
09-01-2024 - 08:05 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

संस्कृत विश्वविद्यालय तोड़कर मस्जिद बनाई थी

सांसद रामचरण बोहरा ने बताया  कि 12वीं सदी में संस्कृत विश्वविद्यालय को तोड़कर यह मस्जिद बनाई गई थी। इस मस्जिद को ढाई दिन में बनाकर तैयार किया गया था। इस वजह से इसको ढाई दिन का झोंपड़ा कहा गया। सांसद बोहरा ने कहा कि उस मस्जिद में संस्कृत विश्वविद्यालय के अवशेष आज भी मौजूद हैं। उन्होंने यह बयान तब दिया तब राज्यपाल कलराज मिश्र भी राजस्थान विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के समारोह में मौजूद थे।

संस्कृत विश्वविद्यालय को मोहम्मद गोरी तोड़ा था

रामचरण बोहरा ने कहा कि यह ऐतिहासिक सत्य है कि अजमेर में संस्कृत विश्वविद्यालय का निर्माण महाराजा विग्रहराज चौहान (जिन्होंने 1150 से 1164 तक अजमेर पर शासन किया था) ने कराया था। इसका नाम सरस्वती कंठ भारणम संस्कृत विश्वविद्यालय था। अजमेर में ढ़ाई दिन का झोंपड़ा उस विश्वविद्यालय के ऊपर 1194 में मुहम्मद गोरी के आक्रमण के बाद बनाया गया था।गोरी के सेनापति  कुतुबुद्दीन ऐबक ने उसके निर्देश पर ही इसको तोड़ा था।विकिपीडिआ के अनुसार, एक किंवदंती में कहा गया है कि मस्जिद का एक हिस्सा ढाई दिन में बनाया गया था। 

सांसद बोहरा के इस बयान के बाद यह मुद्दा लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि क्या भाजपा सरकार इस मस्जिद को तोड़े जाने की तैयारी कर रही है अथवा मस्जिद में ही संस्कृत के मंत्रों का पाठ किया जाएगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।