Byju's के CEO रवींद्रन बायजू पर कसा ED का शिकंजा , दो ऑफिस व एक घर पर छापा
<p><em>प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन पढ़ाई करवाने वाली कंपनी Byju's के CEO रवींद्रन बायजू के घर और ऑफिस पर छापेमारी की है। ED के मुताबिक ये छापेमारी विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के उल्लंघन पर की गई है। जांच एजेंसी ने एक बयान जारी कर बताया कि बेंगलुरु में रवींद्रन बायजू और उनकी कंपनी 'थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड' के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में कंपनी से जुड़े कई डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल डेटा जब्त किये गए हैं। </em></p>
Byju's के खिलाफ क्यों की ED ने कार्रवाई?
ED के बयान के मुताबिक, Byju's के खिलाफ ये कार्रवाई कई लोगों की शिकायत के बाद शुरू हुई है। सर्च में पता चला कि कंपनी को 2011 से 2023 के बीच करीब 28 हजार करोड़ रुपये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नाम पर मिला। इसके अलावा कंपनी ने भी इस दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नाम पर कई जगहों पर 9754 करोड़ रुपये भेजे थे। कंपनी ने इनमें से 944 करोड़ रुपये को विज्ञापन और मार्केटिंग के खर्चों में दिखाया है।
ED has conducted searches at 3 premises in Bengaluru in the case of Raveendaran Byju and his company ‘Think & Learn Private Limited’ (Byju online learning platform) under the provisions of FEMA. During the search, various incriminating documents and digital data was seized.— ED (@dir_ed) April 29, 2023
इसके अलावा ED ने ये भी कहा है कि Byju's ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से अपना फाइनेंशियल स्टेटमेंट तैयार नहीं किया है। साथ ही अकाउंट्स की ऑडिट भी नहीं करवाई गई, जो कि अनिवार्य है इसलिए कंपनी की तरफ से दिए गए आंकड़ों की जांच बैंक कर रहे हैं। ईडी ने यह सर्च ऑपरेशन फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के प्रावधानों के तहत चलाया।
4 हज़ार कर्मचारियों को बाहर निकला था
कंपनी के खिलाफ ये कार्रवाई तब हुई है जब Byju's से लगातार लोगों को नौकरी से निकाला जा रहा है, कंपनी के घाटे की खबरें चल रही है और कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट 18 महीने की देर से फ़ाइल हुई है। पिछले कुछ महीनों में Byju's ने करीब 4 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
Byju's ने कहा रूटीन पूछताछ
Byju's ने ED की इस कार्रवाई को रूटीन पूछताछ बताया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की लीगल टीम के प्रवक्ता ने बताया कि Byju's अधिकारियों के साथ हमेशा पारदर्शी तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी नियमों और कानूनों का पूरी तरह से पालन करती है।
Byju's ने पिछले साल जब 18 महीने की देरी से ऑडिट रिपोर्ट फाइल की तो उसमें करीब साढ़े चार हजार करोड़ का घाटा बताया था। बता दें कि रवींद्रन बायजू ने साल 2015 में इस ऐप की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 2011 में अपनी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ के साथ मिलकर ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी बनाई। फिर पांच साल बाद ऐप लॉन्च किया था। यह ऐसा लर्निंग ऐप है जिसमें आप लगभग सभी तरह के कोर्स, सभी उम्र के लोगों के लिए पाते हैं। मसलन, CBSE, NCERT, ICSE बोर्ड, IAS, JEE, NEET के कंपटीटिव इग्ज़ाम जैसे तमाम कोर्स और ढेरों स्कॉलरशिप प्रोग्राम्स की लिस्ट ऐप पर मिलती है।
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