Umesh Pal Hatyakand : हर तिकड़म फेल, होकर रहेगा माफिया का हिसाब... 16 साल बाद उमेश पाल अपहरण केस में आ रहा फैसला

<p><em><strong>विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद से अतीक गैंग पर शिकंजा कसा है। 2005 में राजू पाल की हत्या मामले में उमेश पाल ने अतीक के खिलाफ गवाह दी थी। इसको लेकर 2006 में उसका अपहरण हो गया था। अब इस केस का फैसला 28 मार्च को आने वाला है।</strong></em></p>

Umesh Pal Hatyakand : हर तिकड़म फेल, होकर रहेगा माफिया का हिसाब... 16 साल बाद उमेश पाल अपहरण केस में आ रहा फैसला
27-03-2023 - 11:29 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

जिस मुकदमे में माफिया अतीक और उसके गुर्गों पर सजा की तलवार लटक रही है, उस मुकदमे को लंबा लटकाने की हर तिकड़म लगाई गई लेकिन बात नहीं बनी। आखिर 16 साल बाद मुकदमा फैसले की दहलीज पर पहुंच ही गया। उमेश पाल को अगवा करने के मामले में 28 मार्च को फैसला आ रहा है। उमेश पाल को अगवा करने की वारदात 28 फरवरी, 2006 में हुई थी। इसकी एफआईआर 5 जुलाई, 2007 में तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य ओम पाल ने दर्ज करवाई थी। 
पुलिस ने इस मामले में 23 दिसंबर 2009 में कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। कोर्ट ने उसी दिन ही आरोप पत्र का संज्ञान भी ले लिया था। लेकिन इस मामले का ट्रायल शुरू होने में सात साल लग गए। 3 सितंबर 2016 से मामले का ट्रायल शुरू हुआ। एक मई 2019 में इस मामले में अभियोजन के साक्ष्य पूरे हो गए।
फिर गवाही करवाने की कोशिश की
अतीक ने मामले को लटकाने के लिए दो गवाहों की फिर से गवाही करवाने व कुछ नए गवाहों को भी शामिल करने की अर्जी दी गई। निचली अदालतों के खिलाफ अतीक गैंग की तरफ से दो रिवीजन हाई कोर्ट में दाखिल किए गए। इसमें एक रिवीजन एडीजी कोर्ट के फैसले के खिलाफ और दूसरा सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के खिलाफ था। हाई कोर्ट ने इन दोनों को ही खारिज कर दिया। हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अतीक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका की। 
उमेश पाल दे चुका था कैवियट
इस मामले में उमेश पाल पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कैवियट दाखिल कर चुका था, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी 2023 को अतीक की याचिका खारिज कर दी। साथ ही, ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वो छह सप्ताह के अंदर मामले की सुनवाई पूरी करे। इसके चलते ही डे-टू-डे ट्रायल पूरा करवाया गया।
वॉरंट-बी मिला, अशरफ से होगी पूछताछ
उमेश पाल हत्याकांड में प्रयागराज पुलिस को अशरफ के खिलाफ वॉरंट बी मिल गया है। उमेश पाल अपहरण कांड में पेशी के बाद प्रयागराज पुलिस अशरफ को उमेश पाल हत्याकांड में वारंट बी के तहत गिरफ्तार कर पूछताछ करेगी। कोर्ट ने अशरफ की सुरक्षा को लेकर कई जरूरी निर्देश दिए हैं, जिसमें कहा गया है कि जिस वाहन से अशरफ को लाया जाएगा उसका हर 400 किमी पर तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। विवेचक को इस तकनीकी परीक्षण की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो भी सुरक्षाकर्मी उसके साथ आएंगे वे सभी बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस होंगे। कोर्ट ने अशरफ को पर्याप्त सुरक्षा प्रबंधों के साथ लाने के निर्देश दिए हैं।
अतीक-अशरफ का वापस जाना मुश्किल
सूत्रों के मुताबिक प्रयागराज पुलिस अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को प्रयागराज में रोक कर रखने के लिए घेराबंदी कर रही है। अशरफ के खिलाफ पुलिस को वॉरंट बी मिल गया है। अतीक के खिलाफ भी पुलिस वॉरंट बी हासिल करने की कोशिश कर रही है। 28 मार्च तक अतीक के खिलाफ भी वॉरंट बी जारी हो सकता है। अगर ऐसा हो जाता है तो प्रयागराज पुलिस दोनों को उमेश पाल हत्याकांड व अन्य मामलों में प्रयागराज में रोकने में कामयाब हो सकती है।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।