मुंबई और नोएडा में बैन ई-सिगरेट बेचने वाला गिरोह आया पुलिस के चंगुल में; प्रसिद्ध मुच्छड़ पानवाला गिरफ्तार
<p>मुंबई और नोएडा पुलिस ने प्रतिबंधित ई-सिगरेट बेचने वाले गिरोहों का पर्दाफाश किया है। ये लोग शहर के स्कूलों और कॉलेजों पब, क्लब में जैसी जगहों को अपना निशाना बनाते थे और इसके आदी लोगों को हज़ारों में बेच कर मोती कमाई करते थे। प्रतिबंधित ई-सिगरेट बेचने के आरोप में मुंबई के प्रतिष्ठित मुच्छड़ पानवाला के मालिक शिवकुमार तिवारी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वही नोएडा में कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने केमिकल युक्त फ्लेवर्ड सिगरेट बेचने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। </p>
मुंबई में प्रसिद्ध मुच्छड़ पानवाला गिरफ्तार
मुंबई क्राइम ब्रांच ने स्कूलों और कॉलेजों के पास बेचे जा रहे ड्रग्स और ई-सिगरेट के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है। एंटी-नारकोटिक्स सेल (एएनसी) और सोशल सर्विस ब्रांच (एसएसबी) द्वारा पिछले दो हफ्तों में किए गए कई अभियानों में, हजारों ई-सिगरेट और करोड़ों रुपये की दवाएं जब्त की गईं। अफ्रीकी नागरिकों सहित दर्जनों आरोपितों को पकड़ा जा चुका है। एएनसी ने मंगलवार रात को छह ऑपरेशन चलाए और भारत में प्रतिबंधित ई-सिगरेट बेचने के आरोप में मुंबई के प्रतिष्ठित मुच्छड़ पानवाला के मालिक शिवकुमार तिवारी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम ने कहा,"हम ड्रग्स और स्कूलों और कॉलेजों के पास होने वाली अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ दृढ़ता से जा रहे हैं; शिक्षा संस्थानों के पास नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के लिए कई अभियान चलाए गए हैं, जो हमारे युवाओं को नष्ट कर रहे हैं।"
नोएडा में भी 15 लाख की ई-सिगरेट बरामद
सेक्टर-63 में रिलायंस के बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास से गिरोह के सरगना गाजियाबाद निवासी प्रवीण गौड़, आकाश, नितिन गुप्ता, आर्यन देव, उमेश और वीरू को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 405 ई-सिगरेट बरामद हुईं है। जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है। पुलिस इस गिरोह के अन्य आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
8 हज़ार तक बेचते थे एक ई सिगरेट
नोएडा सेंट्रल जोन के एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि आरोपी पिछले छह माह से प्रतिबंधित सिगरेट बेच रहे थे। आरोपी एक ई सिगरेट 300 से 400 रुपये में खरीदकर 2 से 8 हजार रुपये में बेचते थे। ई-सिगरेट को सामान्य सिगरेट के विकल्प के तौर पर बेचा जा रहा था।
सामान्य सिगरेट से भी बहुत ज्यादा हानिकारक ई सिगरेट
हालांकि ई-सिगरेट सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होता है। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने साल 2019 में ई-सिगरेट के उत्पादन, आयात, निर्यात, हस्तांतरण, बिक्री, विज्ञापन पर रोक लगाकर सजा का प्रावधान कर दिया गया था।
चीनी कनेक्शन पर भी जांच
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के बाद इसे चोरी छिपे चीन से मंगाते थे। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दिल्ली के चांदनी चौक के एक डीलर व आनलाइन ई-सिगरेट मंगाकर नोएडा के दुकानदारों को बेचते थे। आरोपियों ने दिल्ली के जिस डीलर का नाम बताया है वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस इस बात की जानकारी कर रही है कि यह सिगरेट भारत में कैसे पहुंचती है।
भारत में पूरी तरह से प्रतिबंधित है ई-सिगरेट
भारत में ई-सिगरेट पर पूरी तरह से बैन किया गया है। सरकार ने इसके निर्माण, वितरण, बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। ई-सिगरेट का चलन सबसे ज्यादा युवाओं में था, यहां तक कि स्कूल के बच्चे इसका ज्यादा उपयोग कर रहे थे, जिसके चलते सरकार ने इसे बैन कर दिया था। हेल्थ मिनिस्ट्री ने अध्यादेश में पहली बार नियम तोड़ने पर 1 साल की जेल और एक लाख रुपये जुर्माना लगाए जाने का प्रस्ताव रखा है।इसके अलावा एक से ज्यादा बार नियमों का उल्लंघन करने पर 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया है।
What's Your Reaction?