स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए कसी कमर... सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगे अफसर, 11 बजे तक फील्ड में रहेंगे
<p><em><strong>अब अधिकारी सुबह 8 से 11 बजे तक फील्ड में रहेंगे और शहर को स्वच्छ बनाएंगे। यही नहीं, सिटीजन फीडबैक बढ़ाने की दिशा में भी कार्मिकों को काम करना होगा।</strong></em></p>
जयपुर नगर निगम ग्रेटर ने सफाई व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 के मद्देनजर निगम प्रशासन ने कार्मिकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डाली है। अब अधिकारी सुबह 8 से 11 बजे तक फील्ड में रहेंगे और शहर को स्वच्छ बनाएंगे। यही नहीं, सिटीजन फीडबैक बढ़ाने की दिशा में भी कार्मिकों को काम करना होगा। निगम ने सभी 150 वार्डों में कार्मिक लगाए हैं। इन कार्मिकों को रात के समय भी सफाई व्यवस्था देखनी होगी।
आयुक्त महेंद्र सोनी ने सभी कार्मिकों को सख्त हिदायत दी है कि इस काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दिशा में कार्मिकों ने काम भी शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि सर्वेक्षण शुरू हो चुका है और इसी महीने जयपुर में केंद्र की टीम आने वाली है, ऐसे में रैंकिंग सुधारने की दिशा में निगम ग्रेटर काम कर रहा है।
यह भी जिम्मेदारियां सौंपी
सफाई व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ किस तरह सर्वेक्षण में नंबर ज्यादा आएं, इसे लेकर भी कार्मिक काम करेंगे। इसके लिए जागरुकता अभियान चलाएंगे ताकि लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालें। आमजन से स्वच्छता एप डाउनलोड करवाने एवं फीडबैक देने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों साफ-सुथरे रहे, इसकी भी निगरानी ये कार्मिक ही करेंगे।
प्लास्टिक के खिलाफ चलेगा अभियान
सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर भी निगम अभियान चलाएगा। इसके लिए मंडियों में दुकानदारों और लोगों को समझाया जाएगा। अगर फिर भी इसका प्रयोग नहीं रुका तो चालान की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मंडियों सहित कई सार्वजनिक स्थानों पर रात्रिकालीन सफाई करवाई जाएगी।
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