गहलोत, पायलट या जोशी, किसको मिलेगी कमान, दिल्ली में दांव पर लगा है राजस्थान
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर मची गहमागहमी के बीच राजस्थान में राजनीतिक पंडितों के साथ-साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और सीपी जोशी के समर्थकों की सांसें ऊपर-नीचे हो रही हैं। कांग्रेस की केंद्रीय राजनीति के भूचाल से सबसे ज्यादा राजस्थान हिल रहा है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावनाओं के बीच अब प्रदेश में नेतृत्व पर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच, सांसद राहुल गांधी गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंचे। राहुल का यात्रा के बीच से दिल्ली आना भी इस सियासी ड्रामे का एक सस्पेंस भरा अध्याय है।
हालांकि कहा तो यह जा रहा है कि राहुल का दिल्ली वापस आना उनके भारत जोड़ो यात्रा का ही हिस्सा है। यहां वह एक दिन के विश्राम के बाद 24 सितंबर से फिर इस यात्रा की शुरुआत करेंगे। इससे पहले गुरुवार को ही राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने राहुल से कोच्चि में मुलाकात की थी। वहीं, सचिन पायलट भी राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। राहुल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के अब चार दावेदार
राहुल गांधी के मना करने के बाद कांग्रेस में शशि थरूर और अशोक गहलोत के बाद अब सांसद मनीष तिवारी ने भी मैदान में उतरने का मन बना लिया है। इस बीच मध्य प्रदेश के कद्दावर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ओर से भी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने की चर्चा है। हालांकि दिग्गी राजा ने 30 सितंबर तक इंतजार करने को कहा है।
एक व्यक्ति एक पद फॉर्मूले पर राहुल से गहलोत को झटका
राहुल गांधी ने आज यानी गुरुवार को इस बात पर जोर दिया है कि उदयपुर चिंतन शिविर में तय हुई एक व्यक्ति, एक पद की व्यवस्था पर पूरी तरह अमल किया जाएगा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की इस ताजा टिप्पणी से इसकी संभावना बढ़ गई है कि कांग्रेस का अध्यक्ष चुने जाने पर गहलोत को मुख्यमंत्री पद छोडऩा पड़ सकता है, हालांकि इसको लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई कि उनके हटने पर सचिन पायलट मुख्यमंत्री होंगे या फिर गहलोत की पसंद का ही कोई नेता इस जिम्मेदारी को संभालेगा।
What's Your Reaction?