गया के एक गांव में भीड़ ने महिला को डायन बताकर जिंदा जलाया
<p><em><strong>बिहार के गया जिले में अमानवीय कृत्य सामने आया है। यहां नक्सल प्रभावित पंचवा गांव में एक महिला को डायन बताकर घर मे जिंदा जला दिया गया। मौके पर ही महिला की मौत हो गई। मृतक महिला की पहचान अर्जुन दास की 45 वर्षीय पत्नी हेमंती देवी के रूप में हुई है।</strong></em></p>
मृतक के पति अर्जुन दास ने बताया कि उनके परिवार का गांव के चंद्रदेव मांझी के साथ विवाद चल रहा था। मांझी के पुत्र की किसी बीमारी के कारण मौत हो गई थी लेकिन चंद्रदेव मांझी का कहना था कि हेमंती देवी डायन है और उसी ने उसके पुत्र को खा लिया है। इस तरह के आरोप के बाद गांव की पंचायत बुलाई गई थी लेकिन इस पंचायत में मांझी के आरोप खारिज हो जाते, इस डर मांझी पक्ष के लोग पंचायत से भाग गये।
अर्जुन दास ने बताया, शनिवार, 5 नवंबर को हम सभी पुरुष घर में नहीं थे और घर में केवल तीन महिलाएं ही थीं। उन्होंने बताया कि इस दौरान मांझी करीब 200 लोगों के साथ आ गया और तोड़फोड़ करके घर मे आग लगा दी। इसके अलावा पत्नी हेमंती देवी के साथ मारपीट की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। हेमंती देवी की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी पहुंची लेकिन आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी शुरू कर दी। हालांकि किसी के भी हताहत की खबर नहीं है। इसके बाद भारी संख्या में इमामगंज डीएसपी मनोज राम के नेतृत्व में पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया गया। पुलिस के अनुसार शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया। इसके अलावा आरोपियों की कोशिशें जारी हैं।
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