आग में घी डाल रहा ईरान! इजरायल-हमास जंग में कूदा तो क्या होगा?
<p><em><strong>इजरायल हमास युद्ध में ईरान के शामिल होने के लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन वह लगातार इनकार करता रहा है। इजरायल ने ये भी आरोप लगाया है कि ईरान के सहयोग की वजह से ही हिजबुल्लाह लेबनान सीमा की तरफ उस पर मिसाइल हमले कर रहा है।</strong></em></p>
इजरायल-फिलिस्तीन जंग में ईरान भी रुचि ले रहा है। इजरायली सेना ने सोमवार को ईरान पर लेबनान-इजरायल सीमा पर हिजबुल्लाह द्वारा हमले का आदेश देने का आरोप लगाया है। आईडीएफ के मुख्य सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने एक ब्रीफिंग में कहा, ‘हिजबुल्लाह ने ईरानी निर्देश के तहत और उनके समर्थन से, दक्षिण (गाजा) में हमारा युद्ध से ध्यान भटकाने के लिए कई गोलीबारी हमले किए।’ हालांकि, ईरान लगातार इस बात से इनकार करता रहा है लेकिन उसकी कथनी और करनी में काफी अंतर है। ऐसी खबरें हैं कि फिलिस्तीन को ईरान का समर्थन है। ऐसा कहा जा सकता है कि वह युद्ध में आग में घी डालने का काम कर रहा है।
तीन दिन पहले दी थी इजरायल को चेतावनी
ईरान के विदेशमंत्री होसैन अमीराबदोल्लाहियान ने शनिवार को इजरायल के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि गाजा पर हमला नहीं रोका तो हिजबुल्लाह नेतान्हु के देश में भूकंप ला सकता है, वहीं सुप्रीम लिडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने मंगलवार को एक टेलीविजन संबोधन में नरसंहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम उन लोगों के हाथों को चूमते हैं, जिन्होंने जायोनी शासन (इजरायल) पर हमले की योजना बनाई थी।
क्या युद्ध में कूद रहा है?
इसकी संभावना काफी कम है। इसके पास खोने के लिए बहुत कुछ है। इसके पीछे अभी अमेरिका और कतर पड़े है, जांच कर रहे हैं कि कहीं इजरायल पर हमले के में ईरान का हाथ तो नहीं है? अगर ऐसा हुआ तो उसे करीब 6 बिलियन डॉलर की नुकसान उठानी पड़ सकती है। इसके अलावा, विषेषज्ञों का मानना है कि ईरान कभी भी सीधे तौर पर युद्ध में भाग नहीं लेगा। लेकिन कई वर्षों से दोनों देशों के बीच शीत युद्ध चल रहा है। इजरायल अप्रत्यक्ष रूप से ईरान को नुकसान पहुंचाने में लगा है, इसका सीधा मतलब है कि इजरायल भी इस पर सामने से हमला नहीं कर सकता है।
कौन है ज्यादा ताकतवर?
किसी वजह से ईरान-इजरायल में टकराव हुआ तो कौन बाजी मारेगा? कौन युद्ध में भारी पड़ेगा? दोनों देशों में कौन ज्यादा ताकतवर है? जहां तक ईरान की बात है तो उसने अपनी आखिरी सबसे बड़ा युद्ध 1980 के दशक में इराक के संग लड़ा था। कई ईरानी टैंक और विमान रखरखाव और आधुनिकता के विभिन्न स्तरों के साथ पुरानी तकनीक का उपयोग करते हैं।, वहीं इजराइल की सेना पूरे क्षेत्र में सबसे अच्छी तरह से सुसज्जित और सबसे अच्छी तरह से प्रशिक्षित है।
तकनीक में इरान पर भारी इजरायल
लेकिन ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, कुद्स फोर्स और नौसैनिक क्षमताएं कहीं न कहीं इजरायल और उसके सहयोगी देशों के लिए चिंता की विषय बने हुए हैं, हालांकि दोनों देशों के सेनाओं के निकट भविष्य में सीधे आमना-सामना कि संभावना नहीं है, लेकिन अगर ऐसा हुआ भी तो इस टकराव में लंबी दूरी के विमान, वायु-रक्षा हथियार, छोटे नौसैनिक जहाज और बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल होंगी।
What's Your Reaction?