ईरान ने खाई ‘बदले की कसम’, आतंकी हमलों के दोषी आईएस को सिखाएगा सबक, मस्जिद पर लगाया लाल झंडा

<p>डबल आतंकी धमाके और 100 लोगों की मौत पर ईरान भड़क गया है। अब उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामनेई ने भी इन हमलों के बाद एक संदेश जारी किया जिसमें उन्होंने &lsquo;दोषियों&rsquo; को उनके किए की सजा भुगतने की चेतावनी दी है। ऐसे में यहां पर जंग तेज होने की संभावना है।</p>

ईरान ने खाई ‘बदले की कसम’, आतंकी हमलों के दोषी आईएस को सिखाएगा सबक, मस्जिद पर लगाया लाल झंडा
06-01-2024 - 02:05 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

खाड़ी देशों में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब ईरान में 2 दिन पहले बुधवार को हुए 2 बम धमाकों के बाद वहां भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस दोहरे धमाके में करीब 100 लोगों की मौत हो गई थी। ईरान अब इस आतंकी हमले का बदला लेने पर आमदा हो गया है और इसके लिए उसने जामकरन मस्जिद पर लाल झंडा लगा दिया है। यह लाल झंडा कोई आम झंडा नहीं है बल्कि ईरानी लाल झंडा बदले की कसम का प्रतीक माना जाता है।
ईरान ने दोहरे आतंकी धमाकों का बदला लेने के लिए यह लाल झंडा लगाया है। ईरान की ओर से पांचवीं बार बदले वाला लाल झंडा लगाया गया है। इससे पहले जनरल सुलेमानी की हत्या के बाद भी ईरान ने मस्जिद पर लाल झंडा लगाया था। ईरान में हुए 2 धमाकों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ले ली है। इस्लामिक स्टेट की ओर से हमले की जिम्मेदारी लिए जाने के बाद ईरान भड़क गया है और वह आईएस को सबक सिखाने की जुगत में लग गया है।
दोषियों को मिलेगी उनके किए की सजा
ईरान की ओर से धमाकों के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने का संकल्प लिया गया है। ईरानी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामनेई ने भी इन हमलों के बाद एक संदेश जारी किया जिसमें उन्होंने ‘दोषियों’ को उनके किए की सजा भुगतने की चेतावनी दी है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्लामिक स्टेट की ओर से ईरान पर आतंकी हमला, ईरान और उसके समर्थित हिजबुल्ला और हूती जैसे विद्रोही संगठनों को खुली चुनौती है। ऐसे में यहां पर इनके बीच जंग तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
दो बम धमाकों में हुई थी सैकड़ों की मौत
इससे पहले 3 जनवरी को साल 2020 में अमेरिका के ड्रोन हमले में मारे गए एक प्रमुख ईरानी जनरल की याद में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, इस दौरान दो बड़े बम धमाके हो गए जिसमें करीब 100 लोगों की मौत हो गई। जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इस हमले को इस इस्लामी देश में 1979 में हुई इस्लामी क्रांति के बाद सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है।
सुलेमानी की हत्या की चैथी बरसी पर जुटे थे लोग
ये दोहरे धमाके ईरान के करमान शहर में हुए जो राजधानी तेहरान से 820 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित है। पहले आतंकी हमलों में 103 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने इस आंकड़े में सुधार किया और संशोधित करते हुए मरने वालों की संख्या 95 बताई। अधिकारियों का कहना था कि कुछ मृतकों के नाम एक से अधिक बार दर्ज हो गए हैं।
ईरानी जनरल की बरसी पर हुआ हमला
ये धमाके रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कुद्स फोर्स के चीफ रहे जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के चार साल पूरे होने पर करमान में उनकी कब्र के करीब आयोजित एक समारोह में हुए। ईरान के आंतरिक मामलों के मंत्री अहमद वाहिदी ने बताया कि पहला धमाका दोपहर करीब 3 बजे हुआ जबकि दूसरा धमाका पहले धमाके के करीब 20 मिनट बाद हुआ। दूसरे धमाके में अधिक लोगों की मौत हो गई।
भारत ने हमलों पर जताया था दुख
ये दोहरे आतंकी हमले बेरूत में एक संदिग्ध इजराइली हमले में फलस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के एक डिप्टी चीफ के मारे जाने की घटना के एक दिन बाद हुए। भारत की ओर से इन हमलों के लिए गुरुवार को दुख जताया गया और कहा गया कि वह करमान शहर में हुए भीषण बम विस्फोटों से स्तब्ध और दुखी है। वह खाड़ी देश की सरकार और लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।