बस 10 सैकंड..! और, धराशायी हुईं नोएडा में भ्रष्टाचार की दो सुपरटेक इमारतें
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर नोएडा के सेक्टर-93ए में स्थित सुपरटेक एमरल्ड कोर्ट के ट्विन टावरों को दोपहर में जमींदोज कर दिया गया। ट्विन टावरों को जमींदोज किये जाने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा हाईवे तक धूल का गुबार छा गया लेकिन दोपहर 2:42 पर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया।
इन ट्विन टावर्स गिराने की जिम्म्दारी एडिफिस कंपनी के पास थी। इस कंपनी से संबद्ध ब्लास्टर चेतन दत्ता ने बताया कि डिमोलिशन सौ फीसदी सफल रहा। दोनों इमारतों को गिराने में 9-10 सेकेंड का समय लगा और उम्मीद के अनुसार की परिणाम रहा। दत्ता ने बताया कि टीम के 5 लोग टावर से बस 70 मीटर की दूरी पर थे। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम में 10 लोग थे और इसके साथ ही 7 विदेशी विशेषज्ञ और एडिफिस इंजीनियरिंग के 20-25 लोग भी मौके पर मौजूद थे।
नोएडा प्राधिकरण की सीओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि विध्वंस से पहले और बाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक डेटा लगभग समान है। शाम सात बजे के करीब आसपास के खाली सोसाइटियों के निवासियों को अपने घरों में वापस जाने की अनुमति दी गई। जाएगी। धुएं और धूल के गुबार को नीचे बैठाने के लिए मौके पर करीब 100 पानी के टैंकर और 300 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए थे।
माहेश्वरी ने बताया कि मलबे की चपेट में आने से पास की एटीएस सोसायटी की 10 मीटर की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई है। अन्य कहीं से नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि इसके अलावा फरीदाबाद फ्लाई ओवर के हिलने की खबर है। केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचे हैं।
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