अब कन्नड़ लेखक केएस भगवान ने प्रभु श्रीराम के विरुद्ध उगला जहर, बाल्मीकि रामायण का उदाहरण देते हुए बोले, नशा करते थे राम और पत्नी सीता को भी सेवन कराते थे, कैसे हो सकते हैं आदर्श..!
<p><em>इस बार कन्नड़ भाषा के चर्चित लेखक केएस भगवान ने भगवान श्रीराम के विरुद्ध जहर उगला है। उन्होंने दावा किया है कि वाल्मीकि रामायण के मुताबिक भगवान राम हर दोपहर अपनी पत्नी सीता के साथ बैठकर शराब पीते थे। दोपहर में राम की मुख्य गतिविधि सीता के साथ बैठना और शराब पीना था। केएस भगवान ने कहा, ऐसा मैं नहीं कह रहा हूँ। दस्तावेज यही कहते हैं।</em></p>
यदि किसी को चर्चाओं में रहना है तो उसका सटीक फ़ॉर्मूला है कि हिन्दुओं विशेषतौर पर सनातनी मूर्तिपूजकों के ईश्वर की निंदा कर दे या फिर उनके बारे में कुछ भी जहरीले शब्दों का इस्तेमाल कर ले। इसके बाद जो विवाद होगा, उससे व्यक्ति लोगों के बीच चर्चा में तो आ ही जाएगा। शायद किसी अन्य धर्म या संप्रदाय के बारे में बोलेगा तो जान आफत में आ जाएगी लेकिन सनातनियों के ईश्वर के बारे में कुछ भी कह देना से केवल विवाद भर होगा, हो सकता है कि कुछ प्रदर्शन हो जाए लेकिन बिगड़ेगा कुछ भी नहीं। चर्चित लोग इस फॉर्मूले को बखूबी जानते हैं और गाहे-बगाहे इस फॉर्मूले का इस्तेमाल करते ही रहते हैं।
इस बार कन्नड़ भाषा के चर्चित लेखक केएस भगवान ने भगवान श्रीराम के विरुद्ध जहर उगला है। उन्होंने दावा किया है कि वाल्मीकि रामायण के मुताबिक भगवान राम हर दोपहर अपनी पत्नी सीता के साथ बैठकर शराब पीते थे। दोपहर में राम की मुख्य गतिविधि सीता के साथ बैठना और शराब पीना था। केएस भगवान ने कहा, ऐसा मैं नहीं कह रहा हूँ, दस्तावेज यही कहते हैं।
बता दें कि केएस भगवान ने 20 जनवरी, 2023 को कर्नाटक के मांड्या में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अस तरह के विवादित बयान दिये। यह पहली बार नहीं है जब कन्नड़ लेखक ने भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। लेखक ने कहा, 'राम राज्य बनाने की बात चल रही है। लेकिन, वाल्मीकि रामायण के उत्तर कांड को पढ़ने से पता चलता है कि (भगवान) राम आदर्श नहीं थे। उन्होंने 11,000 वर्षों तक शासन नहीं किया बल्कि केवल 11 वर्षों तक शासन किया।'
केएस भगवान ने यहां तक कह डाला, 'राम दोपहर में सीता के साथ बैठते थे और दिन में शराब पीते थे ... उन्होंने अपनी पत्नी सीता को जंगल में भेज दिया और उनकी परवाह नहीं की। उन्होंने शूद्र शंबूक का सिर काट दिया जो एक पेड़ के नीचे तपस्या कर रहा था। वह आदर्श कैसे हो सकता है..?' केएस भगवान यहीं नहीं रुकते हैं। वे तो यहां तक बोलते हैं कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार, भगवान राम 'नशा' करते थे और सीता को भी इसका सेवन कराते थे। उन्होंने अपनी पुस्तक 'राम मंदिर यके बेड़ा' में यह टिप्पणी की थी।
उल्लेखनीय है कि केएम निशांत के नेतृत्व में एक हिंदू संगठन ने कुवेम्पुनगर में केएस भगवान के आवास के बाहर पूजा करने की कोशिश की थी। निशांत ने कहा कि हिंदू देवताओं पर लेखक के बयानों ने समाज की शांति को भंग कर दिया है। संगठनों के सदस्यों को अनुष्ठान करने से रोकने के लिए सरकार को केएस भगवान के आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी करनी पड़ी।
बकौल निशांत, 'भगवान ने अपनी पुस्तक 'राम मंदिर यके बेदा' में वाल्मीकि रामायण के अंतिम अध्याय उत्तर कांड के छंदों का उल्लेख किया है लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि हिंदू उत्तर कांड से सहमत नहीं हैं क्योंकि हमारा मानना है कि वामीकि ने यह अध्याय नहीं लिखा है। पूरे 24,000 श्लोकों वाली वाल्मीकि रचित रामायण में उत्तर कांड का कोई संदर्भ नहीं है।
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