Manipur Violence : जल रहा है नॉर्थ ईस्ट का यह राज्य, हिंसक झड़पों के बीच ट्रेनें बंद, हवाई जहाज से निकाले जा रहे हैं लोग, मामले की सुप्रीम कोर्ट में होगी आज सुनवाई...
<p><strong>Manipur Violence : </strong><em>भारत का उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर 3 मई से ही जल रहा है। वहां जातिगत हिंसा में अब तक 50 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। हिंसा फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है। कई इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है। अलबत्ता सोमवार को कुछ इलाकों में ढील दिये जाने से लोग जरूरी सामान खरीदते देखे गये। हिंसा ग्रस्त इलाकों से मणिपुर के बाहर के राज्यों के रहने वालों को निकाला जा रहा है। लोगों को निकालने के लिए महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश ने स्‍पेशल फ्लाइट्स चलाई हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड की सरकारों ने भी अपने-अपने राज्यों के नागरिकों को वहां से निकालने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। फिलहाल इम्फाल से बाहर निकलने के लिए फ्लाइट्स को ही सर्बेश्रेष्ठ विकल्प माना जा रहा है। इम्फाल-कोलकाता रूट पर हवाई किराये में जबर्दस्त बढ़ोतरी हो गयी है।अगले कुछ दिन के लिए सभी फ्लाइट्स बुक हैं और किराया 30,000 रुपये तक पहुंच गया। इस बीच मणिपुर हिंसा का मामले के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई होनी है।</em> </p>
उल्लेखनीय है इम्फाल से बाकी भारत को जोड़ने वाली सड़कें हिंसाग्रस्त इलाकों से होकर गुजरती हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। मणिपुर में ज्यादातर बाहरी छात्र IIIT और NIT जैसे इंजिनियरिंग कॉलेजों और रीजनल मेडिकल इंस्टिट्यूट्स में पढ़ते हैं। उनके लिए हालात किसी युद्धग्रस्त क्षेत्र जैसे हालात हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर की स्थिति पर कई याचिकाएं दायर की गई हैं। एक याचिका में मैतेई समुदाय को ST दर्जे के मुद्दे पर हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। इसके अलावा, एक आदिवासी संगठन ने एक जनहित याचिका दायर करके मणिपुर में हुई हिंसा की घटना की जांच SIT से कराने की गुहार लगाई है। इन सभी मामलों पर आज यानी सोमवार को सुनवाई होनी है।
उधर, मणिपुर के हिंसा प्रभावित हिस्सों में सेना और असम राइफल्स के जवानों ने फ्लैग मार्च किया है। सेना के ड्रोन और हेलिकॉप्टर गश्त लगा रहे हैं। रक्षा विभाग ने बताया कि अब तक कई समुदायों के लगभग 23,000 लोगों को बचाकर सैन्य छावनियों में ट्रांसफर किया गया है। मणिपुर में अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय पुलिस बलों के करीब 10,000 जवानों को भी तैनात किया गया है।
बता दें कि मणिपुर में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय खुद को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहा है। इसके विरोध में 'ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर' (एटीएसयूएम) ने बुधवार को 'आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया था। इस दौरान चुराचांदपुर जिले के तोरबंग क्षेत्र में हिंसा भड़क गई थी।
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