नगर निगम जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर बर्खास्त, राज्य सरकार ने जारी किये आदेश

नगर निगम जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर बर्खास्त, राज्य सरकार ने जारी किये आदेश
27-09-2022 - 02:09 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने नगर निगम जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। उनके बारे में न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद आज 27 सितंबर 2022 को गुर्जर को बर्खास्त करने से संबंधित आदेश जारी किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि 23 सितम्बर को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होने के बाद राजस्थान सरकार से कहा गया था कि वह दो दिन कार्रवाई नहीं करे।

इस तरह से कल यानी सोमवार, 26 सितंबर को नवरात्र स्थापना के कारण अवकाश होने से सर्वोच्च न्यायालय से दी गई समयावधि पूरी हो गई थी। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग ने सौम्या को पद से बर्खास्त करने का प्रस्ताव तैयार करके नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के पास भिजवाया था। मंत्री धारीवाल ने हस्ताक्षर करके प्रस्ताव को मंजूरी दी। धारीवाल से मिली मंजूरी के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने आज आदेश जारी करते हुए सौम्या गुर्जर को महापौर के पद से बर्खास्त करते हुए उन्हें अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य घोषित कर दिया है।

विधि विशेषज्ञों के अनुसार नगर निगम जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या के पास उच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प शेष है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार निलंबित महापौर सौम्या गुर्जर न्यायिक जांच रिपोर्ट को उच्च न्यायालय में ही चुनौती दे सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि 6 जून को राज्य सरकार ने सौम्या गुर्जर और तीन अन्य पार्षदों को निगम आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में निलंबित कर दिया था। राज्य सरकार ने भाजपा की पार्षद शील धाबाई को 7 जून को कार्यवाहक मेयर बना दिया। राज्य सरकार के सरकार के निलंबन के फैसले को मेयर सौम्या गुर्जर ने राजस्थान उच्च न्यायालय में चुनौती दी किंतु 28 जून को न्यायालय ने मेयर को निलंबन आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया। फिर जुलाई में सौम्या गुर्जर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर न्यायिक जांच और निलंबन आदेश पर रोक लगाने की मांग की।

इस सारी प्रक्रिया के बाद 1 फरवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने निलंबन ऑर्डर पर रोक लगा दी। इस तरह 2 फरवरी को सौम्या गुर्जर ने वापस महापौर की कुर्सी संभाली थी। इसके बाद 11 अगस्त 2022 को सौम्या और 3 अन्य पार्षदों के खिलाफ न्यायिक जांच की रिपोर्ट आई, जिसमें सभी को दोषी माना गया। इसके बाद 22 अगस्त को सरकार ने वार्ड 72 से भाजपा के पार्षद पारस जैन, वार्ड 39 से अजय सिंह और वार्ड 103 से निर्दलीय शंकर शर्मा की सदस्यता को खत्म कर दिया। यही नहीं राज्य सरकार ने 23 सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर न्यायिक जांच की रिपोर्ट पेश की और मामले की जल्द सुनवाई की मांग की। 23 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद सरकार को कार्यवाही के लिए स्वतंत्र करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।