‘17 ग्रामीणों को पीटा, इसलिए हमने 10 जवानों को मारा...’ अरनपुर हमले के बाद नक्सलियों का बयान
<p><strong><em>26 अप्रैल की दोपहर को नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर जवानों से भरी गाड़ी को ही उड़ा दिया था। इस हमले में डीआरजी के 10 जवान शहीद हुए थे। एक वाहन के चालक की भी मौत हो गई थी।</em></strong></p>
दंतेवाड़ा के अरनपुर में बड़े नक्सली हमले के बाद नक्सलियों ने एक और बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि जवानों ने 17 ग्रामीणों को पीटा, अंधाधुंध फायरिंग की। बेवजह गिरफ्तारियां की गई। इसी के विरोध में हमने हमला किया, जिसमें 10 जवानों की मौत हुई और ड्राइवर भी मारा गया।
नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की प्रवक्ता समता ने यह बयान जारी किया है। नक्सलियों ने अपने जवानों से अपील भी की है। उन्होंने कहा है कि आप सभी पुलिस की नौकरी छोड़ दीजिए और भी विभाग में कई पद खाली हैं। वहां भर्ती हो जाएं। सरकार ने अन्य विभागों में नियुक्ति करना छोड़ दिया है। जनता के खिलाफ सरकार की तरफ से भाग न लें, जनता के साथ खड़े रहें।
माओवादियों ने यह भी कहा है कि इस पूरी वारदात को पीजीएलए (पीपुल्स गुरिल्ला लिबरेशन आर्मी) ने अंजाम दिया है। कहा- 12 अप्रैल को गोन्डेरास में जवानों ने ग्रामीणों के साथ मारपीट की थी। वे सर्चिंग के नाम पर पहले भी ऐसा करते रहे हैं। पाशविक हमलों से बचने और उन्हें विफल करने के लिए अरनपुर हमले को अंजाम दिया गया।
खूंखार नक्सली जगदीश की तस्वीर वायरल
उधर, खूंखार नक्सली जगदीश की तस्वीर भी सोशल मीडिया में वायरल हो गई है। 8 लाख के इनामी नक्सली और डीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) जगदीश के छिपे होने की सूचना पर ही डीआरजी जवान अरनपुर गए थे। जगदीश पहले भी कई बड़ी नक्सल घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
2 महीने पहले लगाया विस्फोटक
इस पूरी घटना को अंजाम देने के लिए नक्सलियों ने 50 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया था। ऐसे में चर्चा है कि नक्सलियों ने इसे 2 महीने पहले ही इस रोड पर प्लांट किया था। अरनपुर-समेली मार्ग के दोनों तरफ सीआरपीएफ के कैंप है। फिर भी पेट्रोलिंग टीम इसे डिटेक्ट नहीं कर सकी। जिसके बाद 26 अप्रैल को यह हमला हो गया।
नक्सलियों ने पहले भी जारी किया था बयान
इसके पहले माओवादियों के दरभा डिवीजन कमेटी के प्रवक्ता साईनाथ ने प्रेस नोट जारी किया था। माओवादियों ने कहा था कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले नक्सलियों का उन्मूलन कर देंगे। अब अरनपुर में हमारी पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) ने हमला किया है। बस्तर में पुलिस फोर्स में भर्ती के लिए योग्यता और मापदंड भी बदल दिया गया है। अनपढ़ और फिजिकल फिटनेस नहीं होने के बावजूद सिर्फ शिकार करने में माहिर लोगों को भर्ती किया जा रहा है।
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