25 जनवरी या 26 जनवरी..? आखिर..किस दिन और किस समय करें पूजा विद्या की देवी माँ सरस्वती की,बच्चो को दिलाएं मां का आशीष..
<p><em>हर साल माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन मां सरस्वती की पूजा के लिए मनाया जाता है। बसंत पंचमी को विद्या की देवी सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। वसंत पंचमी पर शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती की पूजा की जाती है। तो चलिए जानते हैं इस साल वसंत पंचमी कब मनाई जाएंगी और किस शुभ मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। </em></p>
शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत 25 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट पर हो जाएगी। वसंत पंचमी तिथि का समापन 26 जनवरी को सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर होगा। इसी वजह से बसंत पंचमी पर्व को मनाने को लेकर संशय है कि किस दिन वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।
सूर्योदय तिथि के अनुसार मनाई जाएगी बसंत पंचमी
वसंत पंचमी का पर्व उदयातिथि के अनुसार, 26 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर होगा। सूर्योदय के समय वसंत पंचमी की तिथि होगी।
बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त 2023
इस साल 26 जनवरी को मां सरस्वती की पूजा का दिन बसंत पंचमी मनाया जाएगा। मां सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त 26 जनवरी को सुबह 7 बजकर 7 मिनट से लेकर दोपहर को 12 बजकर 35 मिनट तक होगा। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मां सरस्वती का कृपा प्राप्त होगी।
राज पंचक में होगी सरस्वती पूजा
राज पंचक में पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस बार सरस्वती पूजा राज पंचक के दौरान की जाएगी। राज पंचक 23 जनवरी से 27 जनवरी तक है। इस दौरान 26 जनवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। राज पंचक राज्यभिषेक के लिए शुभ माना जाता है। इस दौरान प्रॉप्रटी से संबंधित कार्य करना शुभ मन जाता है।
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