बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद हिल गया था पाकिस्तान, इमरान ने मदद के लिए जिनपिंग से लगाई थी गुहार, मिला था ये जवाब
<p><em>पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत के युद्धक विमानों ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर बम गिराए थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान संबंधों में गंभीर तनाव में आ गया था।</em></p>
भारत द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक करने के बाद, नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव कम करने के लिए कई देशों ने अपने विशेष दूत भेजने की पेशकश की थी। चीन ने भी सुझाव दिया था कि वह तनाव कम करने के लिए दोनों देशों में अपने उप मंत्री भेज सकता है, लेकिन भारत ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। पूर्व राजनयिक अजय बिसारिया ने अपनी किताब में इस बारे में बताया है। अजय बिसारिया उस दौरान इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त थे।
अजय बिसारिया अपनी किताब में लिखते हैं, ‘भारत की जैसे को तैसा वाली कूटनीति प्रभावी रही थी। पाकिस्तान और दुनिया से उसकी उम्मीदें स्पष्ट थीं। पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से समर्थन मांगा था। लेकिन चीन की ओर से पाकिस्तान को सुझाव दिया गया कि वह अमेरिका ही है जो भारत के साथ संबंधों में उसकी मदद कर सकता है। चीन ने यह भी कहा कि भारत के साथ तनाव कम करने और उसे शांत करने के लिए पाकिस्तान को अमेरिका के साथ-साथ अफगानिस्तान से भी बात करनी चाहिए’।
अभिनंदन को लाने के लिए विमान भेजना चाहता था भारत
पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत के युद्धक विमानों ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर बम गिराए थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान संबंधों में गंभीर तनाव में आ गया था। अपनी किताब में उन्होंने यह भी लिखा है कि भारत विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वापस लाने के लिए भारतीय वायु सेना का एक विमान पाकिस्तान भेजने को तैयार था, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
पाकिस्तान नहीं दी थी भारत को विमान भेजने की अनुमति
बिसारिया अपनी किताब में लिखते हैं, ‘हम उसे लेने के लिए भारतीय वायु सेना का एक विमान भेजने को तैयार थे, लेकिन पाकिस्तान ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। पिछले तीन दिनों में जो कुछ भी हुआ था, उसके बाद भारतीय वायु सेना के विमान का इस्लामाबाद में उतरना निश्चित रूप से पाकिस्तान को स्वीकार्य नहीं था। अजय बिसारिया की किताब आजादी के बाद से भारत-पाकिस्तान संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है। इसे रूपा पब्लिकेशन ने पब्लिश किया है। बता दें कि भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी के रूप में अजय बिसारिया का 35 वर्षों का राजनयिक अनुभव रहा है।
अभिनंदन ने मिग-21 से मार गिराया था पाकिस्तानी एफ-16
इंडियन एयरफोर्स के पायलट अभिनंदन वर्धमान (अब ग्रुप कैप्टन) ने 27 फरवरी, 2019 को अपने मिग 21 बाइसन जेट से अमेरिका निर्मित एक पाकिस्तानी एफ-16 जेट को मार गिराया था। डॉग फाइट में उनका फाइटर प्लेन क्रैश हो गया था और इमरजेंसी इजेक्शन के बाद उनका पैराशूट पाकिस्तानी सीमा में लैंड हुआ था। स्थानीय लोगों ने अभिनंदन को बंधक बना लिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। करीब 24 घंटे बाद अभिनंदन को पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर के रास्ते वापस भारत भेज दिया था।
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