शेहला राशिद को लोगों ने पूछा- क्या बीजेपी में होंगी शामिल? जवाब में कहा -पीएम मोदी को शुक्रिया
<p>पीएम मोदी की आलोचकों में गिनी जाने वाली जेएनयू की पूर्व छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता शेहला रशीद ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया है। शेहला रशीद प्रधानमंत्री मोदी की मुख्य आलोचकों में एक रही हैं और पांच अगस्त, 2019 को जम्मू कश्मीर से हटाए गए आर्टिकल 370 के फैसले की तब आलोचना की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने कश्मीर में बेहतर मानवाधिकार रिकॉर्ड के लिए केंद्र सरकार की सराहना की थी।</p>
जेएनयू की पूर्व छात्र नेता और कश्मीर की राजनीति में एक्टिव रहीं शेहला रशीद बीते कुछ समय से केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करती नजर आई है। इसे लेकर ही सोशल मीडिया पर कई लोग उनसे बीजेपी में शामिल होने को लेकर सवाल पूछते हैं। इन सवालों पर अब शेहला रशीद का जवाब सामने आया है।
शेहला रशीद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या आप बीजेपी में शामिल होने जा रही हैं? क्या आप लोकसभा या राज्यसभा के चुनाव में उतरेंगी? इन सवालों पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि दोस्तों, हमें शांति मिली है। ये पूरी जिंदगी के लिए काफी है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है, ‘शुकरन मोदी जी।’
फिर की पीएम मोदी की तारीफ
जेएनयू की पूर्व स्टूडेंट शेहला ने एक और पोस्ट में लिखा, ‘मुझे याद है कि साल 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री की कश्मीर यात्रा को सुरक्षा मुद्दों की वजह से पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था। जबकि आज का तथ्य यह है कि प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के भाषण के दौरान हम 5जी, ब्रॉडबैंड को एक्सेस कर सकते हैं और सोशल मीडिया कैंपेन चला सकते हैं। यह शांति और सुरक्षा के संदर्भ में एक बड़ी उपलब्धि है। आप कल्पना नहीं कर सकते हैं कि यह कितना बड़ा बदलाव है, यदि आपको यह नहीं मालूम कि उस समय कैसा था।’
कश्मीर में शांति के लिए पीएम मोदी का आभार
पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार (7 मार्च) को कश्मीर में थे, जब शेहला रसीद सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं। पिछले साल भी शेहला ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी आलोचना से परेशान नहीं होते हैं। शेहला रशीद ने कहा, ‘फिलहाल, हम वास्तव में नेक इरादे वाला प्रशासन देख रहे हैं। प्रधानमंत्री आलोचना की परवाह नहीं करते। वह एक निस्वार्थ व्यक्ति हैं जो राष्ट्रीय हित के लिए काम करते हैं।’
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