मौन तोड़ते ही दिखे पायलट के तेवर... कहा-भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई, भाजपा सरकार के करप्शन पब्लिक डोमेन में
<p><em><strong>पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ शहीद स्मारक पर 1 दिन का अनशन किया।</strong></em></p>
पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ शहीद स्मारक पर 1 दिन का अनशन किया। अनशन सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक चला। अनशन समाप्त होने के बाद सचिन पायलट ने भ्रष्टाचार के मामलों के खिलाफ अपने तीखे तेवर भी दिखाए, सचिन पायलट ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों को मैं लंबे समय से उठा रहा हूं, यह वही मुद्दे हैं जिन भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी संसद और संसद के बाहर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर देश में तमाम विपक्षी पार्टियां जेपीसी की मांग कर रही हैं, भ्रष्टाचार के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट हैं।
विपक्ष में रहते हमने किया था इनको उजागर
पायलट ने कहा कि जब हम विपक्ष में थे, तब हमने वसुंधरा सरकार के कई घोटालों को उजागर किया था। वसुंधरा सरकार में शराब माफिया, भू माफिया, बजरी माफिया का बोलबाला था। खान घोटाला और बजरी घोटाले को भी हमने उजागर किया था।
जनता से किया वादा कब करेंगे पूरा
हमने जनता के बीच जाकर जनता से यह वादा किया था कि अगर हम सत्ता में आए तो वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करवाएंगे लेकिन सत्ता में आए हुए हमारी सरकार को भी अब साढ़े 4 साल पूरे हो रहे हैं और अभी तक भ्रष्टाचार के मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब कुछ महीने के बाद ही विधानसभा चुनाव होंगे, ऐसे में हमने जो वादे जनता से किए थे उस पर हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम उन वादों को पूरा करें और फिर जनता के बीच जाएं।
मैंने दो बार सीएम को पत्र लिखने जवाब नहीं दिया
सचिन पायलट ने कहा कि मैंने वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए दो बार मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखा था लेकिन दोनों ही बार मुख्यमंत्री ने इन पत्रों का कोई जवाब नहीं दिया गया। हालांकि इससे पहले मैंने कई दूसरे मामलों को लेकर पत्र मुख्यमंत्री को लिखे थे, जिनका जवाब आ गया था। सचिन पायलट ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि गहलोत सरकार बीजेपी शासन में हुए भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई करेगी।
भाजपा शासित राज्यों में भी भ्रष्टाचार को उजागर किया
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की लड़ाई ही करप्शन के खिलाफ है। हमने राजस्थान के साथ-साथ जहां भी भाजपा शासित सरकारें हैं, उन राज्यों में जाकर भी वहां के घोटालों को उजागर करने का काम किया है। उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात में भी भाजपा के भ्रष्टाचार को उजागर किया है और जहां भी हमें जिम्मेदारी मिलती है, हम वहां जाकर बीजेपी के कारनामों को उजागर करने का काम करते हैं।
रंधावा कुछ माह पहले ही बने हैं प्रभारी
प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के बयान को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि रंधावा अभी कुछ माह पहले ही प्रभारी बने हैं। उनसे पहले मैंने तब के प्रभारी अजय माकन को भी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए चिट्ठी लिखी थी और पार्टी फोरम पर भी इस मामले को उठाया था, उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार से जुड़ा है इसलिए सरकार के सामने उठाया है। अगर संगठन से जुड़ा होता तो संगठन के सामने इस मामले को उठाता।
वसुंधरा सरकार के घोटाले पब्लिक डोमेन में
सचिन पायलट ने कहा कि वसुंधरा सरकार के घोटाले पब्लिक डोमेन में है। यह कोई नए मुद्दे नहीं है, प्रदेश की जनता के सामने कई बार इन घोटालों का जिक्र हो चुका है। उन्होंने कहा कि ललित मोदी स्केम, बजरी घोटाला कोई नए मामले नहीं हैं, ये सब पब्लिक डोमेन में हैं।
हमारी कथनी-करनी में नहीं होना चाहिए फर्क
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारी कथनी और करनी में फर्क नहीं होना चाहिए। हमने जब जनता से भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई का वादा किया तो अब उन वादों पर काम करना चाहिए, जिससे कि जनता को भी ये नहीं लगे कि कांग्रेस के नेताओं की कथनी और करनी में कोई फर्क है।
5 घंटे चला अनशन
इससे पहले आज सुबह 11 बजे सचिन पायलट अपने समर्थकों के साथ शहीद स्मारक पर अनशन पर बैठे, और शाम 4 बजे अनशन समाप्त हुआ। अनशन के दौरान देशभक्ति से ओतप्रोत गीत बजाए जा रहे थे तो सचिन पायलट समर्थकों में भी जोश देखने को मिल रहा था। सचिन पायलट मुख्यमंत्री जैसे नारे भी लगाए जा रहे थे। हालांकि अनशन में सचिन पायलट समर्थक कोई भी विधायक नहीं पहुंचा। इधर सचिन पायलट के अनशन पर पार्टी हाईकमान के साथ-साथ प्रदेश नेतृत्व की भी नजर रही।
पायलट समर्थक ये नेता शामिल हुए अनशन में
विप्र कल्याण बोर्ड के चेयरमैन महेश शर्मा, एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया, सेवादल पूर्व अध्यक्ष सुरेश चैधरी, कांग्रेस नेता पंडित सुरेश मिश्रा, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव राजेश चैधरी, प्रशांत शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया पैनल लिस्ट किशोर शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के सचिव गजेंद्र सांखला और महेंद्र खेड़ी, अजमेर के पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्र रलावता, पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य, परम नवदीप कौर, पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, पूर्व विधायक दर्शन गुर्जर, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के चेयरमैन केसी विश्नोई और वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन गोपाल सिंह ईडवा अनशन में शामिल हुए।
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