कविता मानवमूल्य पर आधारित हो तभी सार्थक हैः राकेश रेणु
' परिवर्तन साहित्यिक मंच और साहित्य संचय ' के संयुक्त तत्वावधान में रेलवे ऑफिसर क्लब, कनाट प्लेस, नई दिल्ली में एक शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। परिवर्तन साहित्यिक मंच लगातार सैकडो़ं काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन कराता आ रहा है जिसके फलस्वरूप पुराने से लेकर नये रचनाकारों को एक पहचान मिल रही है। इस आयोजन के आलोचकीय वक्तव्य में चर्चित कवि संतोष पटेल का कहना है कि इस तरह की काव्य गोष्ठी नये रचनाकारों के लिए वर्कशॉप साबित होती है, जिसके माध्यम से वो बहुत कुछ सीखते हैं और एक सफल रचनाकार बनते हैं।
इस आयोजन में चर्चित पत्रिका ' आजकल' के संपादक राकेश रेणु जी ने कहा कि कविता मानवमूल्यों पर आधारित हो और समय के अनुरूप हो तभी वह सार्थक है। दिल्ली विश्वविद्यालय से डा. सरोज सिंह जी ने सभी कवियों को प्रोत्साहित किया और उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कविता में केवल विरह का रोना सार्थक नहीं, कविता कालखंड और मानवीयता पर आधारित होनी चाहिए।
काव्य गोष्ठी के आयोजन के अवसर पर साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ अनुराधा ओस, डॉ ऋतु रानी, भारती प्रवीण, सीमा पटेल, दामिनी यादव, मनीष सचान और प्रकाशक मनोज कुमार को कबीर साहित्य समृद्धि सम्मान 2022 से सम्मानित भी किया गया ।
काव्य गोष्ठी में देश के अनेक हिस्सों से पधारे कवियों ने अपनी प्रतिनिधि कविताओं से परिवर्तन का अलख जगाया। दस वर्षीय बालकवि त्वरित और अर्णव ने अपनी कविताओं में दशरथ माँझी जैसे माउंटेनमैन को लाकर सबकों आशान्वित किया कि आने वाले समय में ये बालकवि एक अलग स्तंभ साबित होंगे। इस आयोजन में तेज प्रताप नारायण, दामिनी यादव, सुशील द्विवेदी, शिव शंकर एहसास, आनंद नारायण, अनुराधा ओस, डा.धनंजय मणि त्रिपाठी, डॉ.पुष्कर, सीमा पटेल, मनीष सचान, मुकेश सिन्हा, अरुण चन्द्र रॉय आदि अनेक कवियों ने काव्यपाठ किया।
इस काव्य गोष्ठी का संचालन अनुराधा ओस और भारती प्रवीण ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर तेज प्रताप नारायण की प्रगतिशील गजलों और कविताओं ने खूब तालियाँ बटोरी। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ मीनाक्षी तेज, विधि सिंह और कल्पना सिंह का विशेष योगदान रहा।
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