खुशखबरः राजस्थान में काम पर लौटे रेजीडेंट डॉक्टर्स, सरकार के साथ हुआ लिखित समझौता
<p><em><strong>राजस्थान में पिछले 8 दिन से राइट टू हेल्थ के विरोध में आंदोलन कर रहे रेजिडेंट डॉक्टर्स ने हड़ताल वापस ले ली है। गुरुवार सुबह 9 बजे से रेजिडेंट डॉक्टर्स प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में काम पर लौट आए।</strong></em></p>
आरटीएच के खिलाफ डॉक्टर्स का आंदोलन अब दोफाड़ हो गया है। संपूर्ण कार्य बहिष्कार पर चल रहे रेजिडेंट डॉक्टर्स ने कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया है। बीती देर रात तक सरकार से बातचीत के बाद सभी रेजिडेंट्स ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (जार्ड) समेत अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टर्स अध्यक्ष, महासचिवों और प्रतिनिधियों ने सरकार के साथ लिखित समझौता कर लिया है, जिसमें 30 मार्च को सुबह 9 बजे से अस्पतालों में सेवाएं संभालने का दिया घोषणा की गई है।
समझौता पत्र पर हस्ताक्षर
राजस्थान सरकार की ओर से प्रमुख षासन सचिव टी. रविकांत ने और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिवों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
- सीनियर रेजिडेंट के पदों पर नियुक्त हुए सीनियर रेजिडेंट को वर्तमान वेतन में डी.ए. के साथ एचआरए देने के लिए वित्त विभाग को तुरन्त प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- प्रवेश वर्ष 2020 और उसके बाद प्रवेश वाले रेजिडेंट्स के लिए बॉन्ड पॉलिसी के अन्तर्गत सीनियर रेजिडेन्ट अलॉटमेंट प्रक्रिया की प्रभावी नीति बनाने के लिए रेजिडेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी को शामिल किया जाएगा और उसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- रेजिडेंट डॉक्टर्स को पूर्व में दिए जा रहे एचआरए में बढ़ोतरी करने के लिए वित्त विभाग को तुरन्त प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- रेजीडेन्ट डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स, डीएनबी रेजिडेंट्स के कार्य बहिष्कार की अवधि को डे ऑफ या राजकीय अवकाश में समायोजित किया जाएगा और वेतन की कटौती नहीं की जाएगी।
- अन्त में सभी राजस्थान राज्य के रेजीडेन्ट डॉक्टर्स कार्य बहिष्कार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर 30 मार्च 2023 को सुबह 9 बजे काम पर लौटेंगे।
अब डाॅक्टरों के आंदोलन का क्या होगा
सरकारी रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल वापसी के बाद माना जा रहा है कि अब प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन और प्राइवेट अस्पताल भी सरकार के साथ वार्ता के लिए आगे आ जाएंगे क्योंकि सरकार अब सख्ती करने के मूड में दिख रही है। जिन अस्पतालों ने सरकार से रियायती दरों पर जमीन ली हैं, उन पर सरकार एक्शन भी कर सकती है। सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए सरकार ने जूनियर रेजिडेंट के 1000 पद भी क्रिएट कर दिए हैं, जिनमें भर्तियां की जा रही हैं। सीएम गहलोत और चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने साफ कर दिया है कि यह बिल लागू होकर रहेगा।
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