हर जांच को तैयार ! पाकिस्तान नहीं जाऊंगी...अब सीमा मीणा हूं
<p><em><strong>पाकिस्तान से अवैध तरीक से भारत आई महिला सीमा हैदर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दया याचिका भेजी है। इसमें उसने खुद को सीमा मीणा बताते हुए कहा कि मुझे और बच्चों को पाकिस्तान न भेजा जाए। सीमा हैदर ने हर एजेंसी से जांच करवाने की बात कही है।</strong></em></p>
जासूसी के संदेह में घिरी सीमा हैदर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दया याचिका भेजी है। यूपी एटीएस की फिर से शुरू हुई पूछताछ और जांच के बाद अपनी इस दया याचिका में सीमा ने कहा कि वह किसी भी एजेंसी से जांच को तैयार है। उसने कहा है कि यूपी एटीएस अभी उसके केस की जांच कर रही है, लेकिन वह सीबीआई, एनआईए और रॉ जैसी एजेंसियों से भी अपनी जांच करवाने को तैयार है। याचिका में सीमा की तरफ से यहां तक कहा गया है कि वह पॉलिग्राफ, ब्रेन मैपिंग, लाई डिटेक्टर और अपने बच्चों के डीएनए टेस्ट तक के लिए तैयार है।
राष्ट्रपति को दी दया याचिका
राष्ट्रपति को दी दया याचिका में सीमा हैदर ने खुद को सीमा मीणा बताते अपने पति सचिन मीणा के पैतृक घर में रहने की इजाजत मांगी है। उसने बताया है कि उसका पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर चार साल पहले उसे तलाक हो चुका है। सचिन मीणा से उसने पूरे हिंदू रीति रिवाज से शादी की है। याचिका में सीमा की तरफ से दावा किया गया है कि वह गुलाम हैदर की दूसरी पत्नी थी और तलाक के बाद गुलाम हैदर तीसरी पत्नी के साथ रह रहा है। साथ ही, उसने पहली पत्नी के बच्चों को भी अपने साथ रखा हुआ है, जबकि तलाक के समय गुलाम हैदर ने उसके बच्चों को साथ रखने और गुजारा देने से भी मना कर दिया था।
‘आलिया और अक्षय यहां रह सकते हैं, तो वो क्यों नहीं’
याचिका में सीमा की ओर से कहा गया है कि जब अदनान सामी को भारतीय नागरिकता मिल सकती है और आलिया भट्ट और अक्षय कुमार यहां के नागरिक न होते हुए भी भारत में रह सकते हैं, तो वह शादी करके अपने पति के घर में क्यों नहीं रह सकती है। उसने कहा है कि पाकिस्तान लौटने पर उसकी और उसके बच्चों की जान को खतरा है। सीमा की ओर से कहा गया है कि वह भारत सचिन के प्यार के खातिर आई है। उनके प्यार को लैला-मजनूं, हीर-रांझा, शीरी-फरहाद और सोनी-महिवाल की तरह भविष्य में याद किया जाएगा। उसकी ओर से कहा गया है कि वह सिर्फ प्यार की खातिर ही भारत आई है। पति के साथ ही उसे यहां अपने ससुर और सास से जो प्यार, खुशी और शांति मिली है, वो उसे पहले कभी नहीं मिली है।
‘टूटा हुआ मोबाइल फोन सचिन ने दिया था’
याचिका में सीमा ने बताया है कि जो उसके पास से टूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद हुआ है, वो पाकिस्तान का नहीं, बल्कि सचिन का दिया हुआ है। दया याचिका में सीमा ने कहा है कि अभी उसकी जांच चल ही रही है, जिसमें उसकी ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है, लेकिन उससे आतंकी और आईएसआई एजेंट जैसा व्यवहार किया जा रहा है। वह पूरी तरह से निर्दोष है।
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