कांग्रेस आलाकमान ने लिया मुश्किल भरा फैसला, प्रतिभा सिंह नहीं बल्कि सुखविंदर सिंह सुक्खू होंगे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री..!
<p><em><strong>कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश के अगला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू होंगे।</strong></em></p>
हालांकि मुख्यमंत्री पद के लिए दौड़ में कई बड़े नाम थे और इसमें सबसे आगे थीं, कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह। शनिवार को प्रतिभा सिंह ने शिमला पहुंचे काग्रेस पर्यवेक्षकों के सामने यह जताने की भी कोशिश की थी कि इस पद के लिए वे ही सही उम्मीदवार रहेंगी। इसके लिए उनके समर्थकों ने जबर्दस्त प्रदर्शन भी किया। लेकिन, कांग्रेस आलाकमान ने आज रात यह मुश्किल भरा फैसला किया कि हिमाचल प्रदेश में अगला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ही रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस के वफादार सिपाही हैं। वह लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं। वे 1998 से 2008 तक युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। उन्होंने वकालत कर रखी है। उनकी पढ़ाई-लिखाई शिमला से हुई है। नादौन विधानसभा क्षेत्र से वह 2022 में चौथी बार विधायक चुने गए। यही उनकी जन्मस्थली भी है। नादौन जिले के सेरा गांव में उनका 26 मार्च 1964 में जन्म हुआ था। वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और महासचिव भी रह चुके हैं।
अगर प्रतिभा के ऊपर सुक्खू को चुना गया तो उसके पीछे कई कारण थे। सबसे बड़ा तो यही था कि कांग्रेस ने इसके जरिये उपचुनाव को टाल दिया। अगर पार्टी प्रतिभा सिंह के साथ आगे बढ़ती तो उसे दो उपचुनाव का सामना करना पड़ता। एक विधानसभा और दूसरा मंडी लोकसभा सीट पर। सुक्खू विधायक चुने जा चुके हैं। इसके उलट प्रतिभा सिंह सांसद हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। उन्हें चुनाव नहीं लड़ाने की एक वजह भी थी। इसके जरिये कांग्रेस संदेश देना चाहती थी कि वह मुख्यमंत्री पद की रेस में नहीं हैं। उनकी भूमिका प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक सीमित है। वह लीडरशिप मेकिंग में रहेंगी। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि अभी उपचुनाव हों। खासतौर से यह भी देखते हुए कि इस चुनाव में मंडी लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाली 17 में से 12 विधानसभा सीटें बीजेपी जीती है। प्रतिभा सिंह मंडी लोकसभा सीट का ही प्रतिनिधित्व करती हैं। वह बेटे विक्रमादित्य सिंह के साथ 'राजा साहेब' (वीरभद्र) की विरासत संभाल रही हैं।
यह भी बता दें कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह प्रदेश में छह बार सीएम रहे। उनका बेटा विधायक और पत्नी सांसद हैं। प्रतिभा पहले से ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। ऐसे में उन्हें अगर कांग्रेस सीएम बनाती तो परिवारवाद के आरोपों को बल मिलता। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) उसे घेरती रही है। पार्टी इसी इमेज को तोड़ना चाहती है। यही कारण है कि उसने हाल में शीर्ष स्तर पर भी बदलाव किया है। सालों बाद पार्टी की बागडोर गांधी परिवार से अलग किसी व्यक्ति यानी मल्लिकार्जुन खरगे के हाथों में सौंपी गयी है और उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाया गया है। सुक्खू को सीएम बनाकर पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह परिवारवाद से ऊपर उठ रही है। उसकी पार्टी में सभी के लिए भविष्य है।
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