आईईटी लखनऊ के दो पूर्व विद्यार्थियों के प्रयास रंग लाए..घट गई बिहार और उत्तर प्रदेश के मध्य 150 किलोमीटर सड़क की दूरी, दिल्ली तक पहुचने में लगेगा मात्र 10 घंटों का समय..!
<p><em>अब बक्सर से दिल्ली तक सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी बेहतर हो गयी है। पटना से आरा होते हुए उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले बक्सर में गंगा नदी पर बना दो लेन का नया पुल बुधवार, 17 मई से शुरू हो गया है। इसके अलावा दलसागर स्थित नेशवलल हाइवे ऑथोरिटी (एनएएचआई) के टोल प्लाजा की भी शुरुआत हुई है। वर्ष 2014 से गंगा नदी पर बना वीर कुंवर सिंह सेतु वर्ष 2014 से जर्जर घोषित कर दिया गया था और इस पर बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। करीब 89 करोड़ रुपये की लागत से बने 1.122 किलोमीटर लंबे और 14.05 मीटर चौड़े इस नये पुल के निर्माण से बिहार और उत्तर प्रदेश के व्यापारियों ही नहीं आम जनता को राहत मिलेगी।</em></p>
नया पुल बनने से पहले तक बड़े वाहनों को छपरा होते हुए उत्तर प्रदेश या दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब नया पुल बनने से दूरी में 150 किलोमीटर की कमी आएगी। इस वजह से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लखनऊ जाने में केवल चार से पांच घंटों का ही समय लगेगा। इसी तरह ग्रीन हाइवे के रास्ते दिल्ली पहुंचने में केवल 10 घंटों का ही समय लगेगा।
एनएचएआई द्वारा निर्मित नया पुल उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और फिर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से मिलेगा। इसके बाद जेपी एक्सप्रेसवे होते हुए दिल्ली पहुंचना बेहद सरल हो जाएगा। उल्लेखनीय है यह है कि बक्सर का जो नया पुल वर्षों से पूरा नहीं हो पा रहा था, उसे एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमित रंजन चित्रांशी के प्रयासों से चंद महीनों में ही पूरा कर लिया गया। यही नहीं यह पुल जिन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ रहा है, उन्हें उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट ऑथोरिटी (.यूपीईडा) ने तैयार किया है। ये पुल यूपीईडा के अनिल मृगेंद्र (Incharge Poorvanchal Expressway) की निगरानी में तैयार किये गए है। यह भी उल्लेखनीय है कि एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेटर और यूपीईडा के अनिल मृगेंद्र दोनों ही लखनऊ के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के विद्यार्थी रह चुके हैं। आईईटी के पासआउट विद्यार्थियों ने बिहार और उत्तर प्रदेश के सड़क मार्ग को बेहतर और कम दूरी वाला बनाने के लिए इन दोनों की सराहना की है और इस कार्य को आजादी के अमृत महोत्सव काल की बड़ी उपलब्धि बताये हुए नयी परियोजनाओं के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
What's Your Reaction?