भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज, चीन तो कहीं आसपास भी नहीं

भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज, चीन तो कहीं आसपास भी नहीं
01-09-2022 - 01:52 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

भारत दुनिया में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। चालू वित्त वर्ष की पहली पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 13.5 प्रतिशत रही जो पिछले एक साल में सबसे अधिक है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार ब्याज की बढ़ती लागत और विकसित देशों में मंदी की आशंका से आने वाली तिमाहियों में वृद्धि दर की गति धीमी पडऩे की आशंका है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के बुधवार, 31 अगस्त को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 13.5 प्रतिशत रही। इससे पिछले वित्त वर्ष (2021-22) की अप्रेल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 20.1 प्रतिशत रही थी। जनवरी-मार्च, 2022 में यह 4.09 प्रतिशत रही थी। भारत की ग्रोथ के आगे चीन आसपास भी नहीं है।
जीडीपी से आशय एक निश्चित अवधि (तिमाही या वित्त वर्ष) में देश की सीमा के भीतर उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य से है। यानी, यह बताता है कि निश्चित अवधि में देश में कितने मूल्य का आर्थिक उत्पादन हुआ है। हालांकि, पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर भारतीय रिजर्व बैंक के इस महीने की शुरुआत में जारी 16.2 प्रतिशत के अनुमान से कम है।
पहली तिमाही में वृद्धि को खपत से गति मिली है। इससे संकेत मिलता है कि खासकर सेवा क्षेत्र में घरेलू मांग पटरी पर आ रही है। महामारी के असर के कारण दो साल तक विभिन्न पाबंदियों के बाद अब खपत बढ़ती दिख रही है। लोग खर्च के लिए बाहर आ रहे हैं। सेवा क्षेत्र में तेजी देखी जा रही है और आने वाले महीनों में त्योहारों के दौरान इसे और गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि धीमी पडक़र 4.8 प्रतिशत रही जो चिंता का कारण है। इसके अलावा निर्यात के मुकाबले आयात का अधिक होना भी चिंताजनक है। जीडीपी आंकड़ा बेहतर होने से रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति को काबू में लाने पर ध्यान दे सकेगा। खुदरा महंगाई दर अभी आरबीआई के संतोषजक स्तर छह प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है।
चीन की ग्रोथ 1 फीसदी से भी कम
अप्रेल-जून तिमाही की चीन की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है। आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत में निजी निवेश सालाना आधार पर 20.1 प्रतिशत बढ़ा। सरकारी खर्च इस दौरान 1.3 प्रतिशत जबकि निजी खपत 25.9 प्रतिशत बढ़ी है।
एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) इस साल अप्रेल-जून तिमाही में 12.7 प्रतिशत रहा। इसमें सेवा क्षेत्र में 17.6 प्रतिशत, उद्योग में 8.6 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कृषि क्षेत्र की जीवीए वृद्धि लू के रबी फसलों पर प्रतिकूल असर पडऩे की आशंका को गलत साबित करती है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।