दुनिया मान रही पीएम मोदी की धाक, अमरीका के राष्ट्रपति बाइडन ने तो मांग लिया ऑटोग्राफ..!
<p><em><strong>भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जलवा दुनिया भर में है। बड़े-बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी उनकी फैन फॉलोइंग के कायल हैं और वे इस बात को स्वीकार करते हैं कि यदि मोदी कुछ कहेंगे तो लोग उसे गंभीरता से लेंगे। इस बात की बानगी </strong>क्वाड देशों यानी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान की बैठक के दौरान भी देखने को मिली।</em></p>
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पीएम मोदी से कहा कि उनके देश में उन्हें एक दिलचस्प चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास पीएम मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के प्रमुख नागरिकों की तरफ से आने वाले जबर्दस्त अनुरोध किया जा रहा है। जो बाइडन ने तो पीएम मोदी से उनका ऑटोग्राफ तक मांग लिया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस ने भी ऐसी ही प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिडनी में ऐसी जगह है, जहां स्वागत के लिए 20,000 लोग जमा हो सकते हैं लेकिन उनके पास आने वाले अनुरोधों को पूरा करने में वह भी फिलहाल सक्षम नहीं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हिरोशिमा में क्वॉड शिखर बैठक के दौरान हिन्द प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक कारोबार, नवाचार और विकास का ‘इंजन’ करार दिया और कहा कि इसकी सफलता एवं सुरक्षा पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘क्वॉड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।’ उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सफलता और सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है तथा ‘हम रचनात्मक एजेंडे और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।’ मोदी ने कहा कि एकजुट प्रयासों के साथ, हम मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अपने दृष्टिकोण को व्यावहारिक आयाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हिन्द प्रशांत क्षेत्र वैश्विक कारोबार, नवाचार और विकास का ‘इंजन’ है। पीएम मोदी ने कहा कि क्वॉड मानव कल्याण, शांति और समृद्धि की दिशा में काम करना जारी रखेगा। इस बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने हिस्सा लिया।
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