फिर गुर्जर आंदोलन की आहट ! पायलट-चांदना समेत 7 नेताओं से मिले गुर्जर अभ्यर्थी
<p><em><strong>राजस्थान में गुर्जर आंदोलन की आग फिर सुलग सकती है। रीट में नियुक्तियों को लेकर एमबीसी अभ्यर्थियों ने सचिन पायलट के अलावा अभ्यर्थी जितेंद्र सिंह, वेदप्रकाश सोलंकी, राजकुमार शर्मा, इंद्राज गुर्जर, अशोक चांदना, बीडी कल्ला से मुलाकात की।</strong></em></p>
प्रदेश में एक बार फिर से गुर्जर आरक्षण आंदोलन आहट सुनाई दे रही है। एमबीसी के रीट अभ्यर्थियों ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत एक दर्जन विधायकों से मुलाकात की है। सचिन पायलट के अलावा अभ्यर्थी जितेंद्र सिंह, वेदप्रकाश सोलंकी, राजकुमार शर्मा, इंद्राज गुर्जर, अशोक चांदना, बीडी कल्ला से मिले और ज्ञापन सौपा। एमबीसी अभ्यर्थियों ने रीट 2018 के प्रथम लेवल के 372 एमबीसी अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग रखी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती में नियुक्ति के लिए चार समझौते हुए लेकिन अब तक हमें रीट 2018 में नियुक्तियां नहीं मिल पाई। यदि नियुक्ति नहीं मिली तो समाज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगा। वहीं, अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद चाकसू विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने सीएम गहलोत को पत्र लिखकर प्रक्रियाधीन भर्ती का पूरा करने का आग्रह किया। सोलंकी ने पत्र में लिखा कि 2022 में रीट भर्तीः 2018 के लिए कमेटी बनी, जिसमें अशोक चांदना, रघु शर्मा, जोगिंदर अवाना शामिल थे। इसमें 372 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए फिर से समझौता हुआ था इसलिए 2018 के शेष 372 पदों पर जल्द युवाओं को नियुक्ति दी जाए।
कब कब हुए समझौते
प्रक्रियाधीन भर्ती के लिए एमबीसी समेत पांच जातियों के लिए दिसम्बर 2022 मे गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर रीट 2018 में 372 एमबीसी युवाओं कों नियुक्ति प्रदान कराने और कंप्यूटर अनुदेशक में न्यूनतम अर्हता अंक 35 प्रतिषत करवाने कों लेकर ज्ञापन दिए। सरकार ने फरवरी 2019, अक्टूबर 2020, नवंबर 2020 और दिसम्बर 2022 मे इस भर्ती मे नियुक्ति को लेकर 4 समझौते किए। अब एमबीसी अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि नियुक्तियां नहीं दी तो अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे।
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