यूक्रेन युद्ध: हथियार दे-देकर थक चुका अमेरिका, रूस दाग रहा रोजाना 40 हजार राउंड गोले 

<p><strong><em>यूक्रेन के लिए अभी मुसीबत के बादल छंटे नहीं हैं। रूस के हवाई हमलों का सामना करने के लिए यूक्रेन को जो हथियार चाहिए उसमें भारी कमी की आशंका जताई गई है।</em></strong></p>

यूक्रेन युद्ध: हथियार दे-देकर थक चुका अमेरिका, रूस दाग रहा रोजाना 40 हजार राउंड गोले 
28-11-2022 - 06:01 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

खेरसॉन इलाके से खदेड़े जाने के बाद रूस लगातार यूक्रेन पर मिसाइलें दाग रहा है। नतीजा यह रहा कि लगभग एक हफ्ते तक यूक्रेन में बिजली सप्लाई ठप रही। हालांकि अब 75 फीसदी सप्लाई सिस्टम री-स्टोर किया जा चुका है लेकिन यूक्रेन के लिए अभी मुसीबत के बादल छंटे नहीं हैं। रूस के हवाई हमलों का सामना करने के लिए यूक्रेन को जो हथियार चाहिए उसमें भारी कमी की आशंका जताई गई है।
नाटो ऑफिशियल्स के मुताबिक, रूस से निपटने के लिए यूक्रेन के पास ज्यादा आर्टिलरी, हथियार और एयर डिफेंस नहीं बचा है। अमेरिका भी लिमिटेड स्टॉक होने के कारण यूक्रेन की खास मदद नहीं कर पा रहा है। अमेरिका के हथियारों का एक बड़ा जखीरा अभी ताइवान और साउथ कोरिया में है। इसे चीन के आक्रामक रवैये के कारण वहां से नहीं हटाया जा सकता है।
तालिबान से ज्यादा गोला बारूद रूस के खिलाफ 

नाटो के अधिकारियों के मुताबिक, तालिबान के खिलाफ हुई जंग में उनकी तरफ से एक दिन में लगभग 300 के करीब गोले-बारूद दागे गए थे। जबकि यूक्रेन में रूस के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में एक दिन में हजारों गोले-बारूद लग रहे हैं। यूरोपियन काउंसिल में डिफेंस एक्सपर्ट कैमील ग्रांड के मुताबिक हथियारों के मामले में युक्रेन का एक दिन अफगानिस्तान के एक महीने के बराबर है। गर्मियों में यूक्रेन की तरफ से एक दिन में आर्टलरी के 6 से 7 हजार राउंड फायर किए जा रहे थे। जबकि रूस की तरफ से फायर किए जाने वाले राउंड की संख्या 40 से 50 हजार के बीच थी।
यूक्रेन के लिए रूसी हथियार जुटा रहा अमेरिका
रूस के हमलों का सामना करने के लिए अमेरिका भी यूक्रेन की ज्यादा मदद नहीं कर पा रहा है। अमेरिका एक दिन में केवल 15 हजार आर्टिलरी राउंड बनाता है। रूस से लड़ाई में अमेरिका जितना हो सके, उतने रूसी हथियार यूक्रेन के लिए जुटा रहा है। इनमें एस-300 मिसाइलें. टी-72 टैंक और रूस के स्पेशल आर्टिलरी शेल्स शामिल हैं। यह भी बातचीत चल रही है कि कई नाटो चेक रिपब्लिक, स्लोवाकिया और बुल्गारिया में सोवियत दौर की पुरानी फैक्ट्रीज को फिर शुरू कर सकता है।

रूस जंग में झोंक रहा पुराने हथियार
रूस की तरफ से भी हथियारों के सप्लाई में कमी आ रही है। हालांकि उसके स्टॉक में अभी इतनी कमी नही देखी जा रही है। इसकी एक वजह ये भी है कि रूस पुरानी और कमजोर आर्टिलरी का इस्तेमाल कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस नॉर्थ कोरिया से मिसाइल और ईरान से सस्ते ड्रोन खरीदने की कोशिश कर रहा है।
40 साल पुरानी क्रूज मिसाइलें
हाल ही में यूक्रेन के एनर्जी सप्लाई सिस्टम पर रूस की तरफ से हवाई हमले हुए। इसके बाद ब्रिटेन की डिफेंस मिनिस्ट्री ने दावा किया रूस जंग में पुरानी क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। अटैक के बाद मलबे से पता चला है कि ये क्रूज मिसाइले हैं। इन्हें साल 1980 में न्यूक्लियर डिलीवरी सिस्टम के लिए बनाया गया था। इस तरह की मिसाइलों का टारगेट पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है लेकिन हो सकता है कि रूस ये मिसाइलें यूक्रेन के एयर डिफेंस का ध्यान भटकाने या फंसाने के लिए छोड़ रहा हो।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।