उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण से संयुक्त राष्ट्र बंटा, इस मामले पर जानिये भारत का रुख..
<p><em><strong>उ<strong>त्तर</strong> कोरिया के बढ़ते बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट को लेकर संयुक्त राष्ट्र में दो गुट स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। एक ओर अमेरिका और उसके सहयोगी देश हैं तो दूसरी ओर हैं चीन और रूस।</strong></em></p>
अमेरिकी गुट का कहना है कि उत्तर कोरिया के बढ़ते मिसाइल परीक्षण से पड़ोसी देशों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है और वे भय में जी रहे हैं। इसके विपरीत चीन और रूस का कहना है कि दक्षिण कोरिया में अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यास के कारण स्थिति बिगड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र में इन स्थितियों से उत्तर कोरिया पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो सकी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने कहा कि उत्तर कोरिया ने इस साल 59 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किए हैं और इनमें से केवल 27 अक्टूबर से 13 मिसाइल लॉन्च हुए हैं। इनमें से एक तो दक्षिण कोरिया के तट से लगभग 50 किलोमीटर (30 मील) दूर गिरा।
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया की अपनी सैन्य क्षमताओं में लगातार बढ़ोतरी करने से उसके पड़ोसियों में तनाव और भय पैदा हो रहा है। लिंडा ने कहा कि सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से 13 ने इस साल की शुरुआत से उत्तर कोरिया के कार्यों की निंदा करते आ रहे हैं लेकिन उत्तर कोरिया को रूस और चीन संरक्षण दे रहे हैं। लिंडा ने आरोप लगाया कि उत्तर कोरिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का बार-बार उल्लंघन किया जा रहा है और इसे चीन व रूस दोनों लगातार उत्तर कोरिया का समर्थन कर रहे हैं। यही वजह है कि उत्तर कोरिया इतना सक्षम हो गया है कि वह इस परिषद का मजाक उड़ा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जून ने कहा कि उत्तर कोरिया का मिसाइल लॉन्च बड़े पैमाने पर यूएस-दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यास कारण शुरू हुआ है, जिसमें सैकड़ों युद्धक विमान शामिल हैं। चीन की बात को समर्थन देते हुए संयुक्त राष्ट्र में रूस की उप राजदूत अन्ना एविस्तिग्नेवा ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में वाशिंगटन अपनी मर्जी से प्रतिबंधों, दबाव और बल का उपयोग करके एकतरफा निरस्त्रीकरण के लिए उत्तर कोरिया को मजबूर करना चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यही इच्छा ही कोरियाई प्रायद्वीप की बिगड़ती स्थिति के लिए बहुत हद तक जिम्मेदार है।
भारत का रुख
भारत ने उत्तर कोरिया द्वारा दागी जा रही मुसाइलों को लेकर चिंता जाहिर की है। भारत का कहना है कि उत्तर कोरिया ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग रहा है और दक्षिण कोरिया समेत पूरी दुनिया के लिए एक नया खतरा पैदा कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा किये जा रहे ये प्रक्षेपण सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं। इससे क्षेत्र और उसके इतर की शांति और सुरक्षा प्रभावित हो रही है। भारत ने उत्तर कोरिया से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के पूर्ण कार्यान्वयन का आह्वान किया।
कंबोज ने कहा, ‘हम कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा की दिशा में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए अपने निरंतर समर्थन को दोहराते हैं, यह हमारा सामूहिक हित है। हम कोरियाई प्रायद्वीप में विवाद को हल करने के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करना जारी रखेंगे।’
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