भारत, पाकिस्तान के पास पास से गुजरा अमेरिका का परमाणु बम सूंघने वाला महाशक्तिशाली प्लेन?
<p><em><strong>भारत और पाकिस्तान की सीमा के पास से अमेरिका का परमाणु बम सूंघने वाला प्लेन गुजरा है। यह हाईटेक प्लेन रेडियो एक्टिव बादलों के नमूने इकट्ठा करता है ताकि परमाणु टेस्ट की जांच की जा सके। यह विमान मुंबई और कराची के पास गुजरा है। अभी इसके मिशन का उद्देश्य नहीं पता चला है।</strong></em></p>
अमेरिका का परमाणु बम सूंघने वाला विमान भारत, पाकिस्तान और ईरान की सीमा के पास से गुजरा है। इस विमान को अमेरिका ने 7 हजार फुट की ऊंचाई से उड़ाया जो काफी कम माना जाता है। अमेरिका के चर्चित परमाणु वैज्ञानिक हांस क्रिस्टेंशन ने अमेरिकी जासूसी विमान के भारत और पाकिस्तान के समुद्री तट के पास से गुजरने का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस विमान के अरब सागर से गुजरने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। यह विमान ऐसे समय पर हिंद सागर से गुजरा है जब पाकिस्तान में पिछले दिनों डेरा इस्माइल परमाणु केंद्र के पास जोरदार विस्फोट की खबर आई थी।
अमेरिकी वैज्ञानिक हांस से जब पाकिस्तान में परमाणु ठिकाने के पास विस्फोट का जिक्र किया तो उन्होंने कहा कि इस विमान के गुजरने का मतलब यह नहीं है कि कोई परमाणु हादसा हुआ है। यह सामान्य जांच की उड़ान हो सकती है। यह अमेरिकी विमान आमतौर पर अमेरिका के ओफुट एयर फोर्स बेस पर तैनात रहता है। यह विमान 5 अक्टूबर को ब्रिटेन के रास्ते कतर पहुंचा था। यह अमेरिकी विमान मुंबई तट और कराची के पास से गुजरा। भारत का भाभा परमाणु केंद्र भी मुंबई में है।
भारत के परमाणु टेस्ट की कर चुका है निगरानी
भाभा परमाणु केंद्र ने भारत के परमाणु बम कार्यक्रम में बहुत अहम भूमिका निभाई है। अमेरिका का यह विमान अत्याधुनिक तकनीक से लैस है जो अमेरिकी वायुसेना परमाणु बम के परीक्षण की निगरानी के लिए करती है। यह हवा में रहकर ही रेडियोलॉजिकल नमूने लेता है। साथ ही, हथियारों के नियंत्रण की संधि की पुष्टि करता है। अमेरिका बहुत लंबे समय से इस तरह के हाईटेक विमान का इस्तेमाल करता रहा है। इसमें ऐसे डिवाइस लगे हैं, जो हवा से रेडियो एक्टिव बादलों के रियल टाइम नमूने लेते हैं। इस दौरान विमान का चालक दल काफी दूर रहता है।
बादलों से लेता है रेडियो एक्टिव नमूने
यह विमान पहले भी हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी, भूमध्य सागर और दुनिया के अन्य हिस्सों में रेडियो एक्टिव बादलों के नमूने ले चुका है। इसी तरह के विमान ने चेर्नोबिल परमाणु हादसे की भी निगरानी की थी। भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया ने जब परमाणु बम का परीक्षण किया था तब भी इसी विमान के जरिए अमेरिका ने डेटा इकट्ठा किया था। भारत ने अपना परमाणु टेस्ट पोकरण में किया था।
What's Your Reaction?