भूल जाएंगे ‘दृश्यम’! अजय देवगन की इस सस्पेंस-थ्रिलर को देखकर ठंडा पड़ जाएगा दिमाग
<p><em>अजय देवगन की यह फिल्म साल 2005 में आई थी। इस फिल्म में अजय का किरदार नेगेटिव शेड में था। फिल्म में उस दौर के दो नए हीरो और दो नई हीरोइन लीड रोल में थी। फिल्म एक सुपरनैचुरल थ्रिलर थी, जिसकी शूटिंग एक जंगल में हुई थी।</em></p>
इस फिल्म में अजय देवगन ने एक आत्मा का किरदार निभाया, जो जंगल में आए टूरिस्टों की मौत के लिए जिम्मेदार होता है। उनके किरदार का नाम काली प्रताप सिंह होता है। फिल्म में अजय देवगन की एंट्री का काफी बीच में होती है। लीड रोल में जॉन अब्राहम और विवेक ओबेरॉय थे। वहीं, लीड एक्ट्रेस के तौर पर लारा दत्ता और ईशा देओल थीं।
ये चारों कलाकार इंडस्ट्री में तब नए-नए आए थे। फिल्म में काफी ट्विस्ट और टर्न देखने को मिलता है। विवेक और जॉन के किरदार जंगल में आने वाले टूरिस्ट्स की हत्या का पता लगाने की कोशिश करते हैं। पता चलता है कि काली प्रताप उनके कैमरे में नहीं दिखता और न ही उसकी परछाई शीशे और पानी में दिखती है। बाद में पता चलता है कि वह आत्मा है। फिर वह उससे बचने के लिए जंगल से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं।
फिर एक थ्रोबैक कहानी आती है, जिसमें गांव वालों को काली प्रताप सिंह को पीट कर जंगल में छोड़ दिया जाता है और शेर उसे खा जाता है। बाद में उसकी आत्मा ही भटकती है। आखिरी में विवेक ओबेरॉय, जॉन अब्राहम और लारा दत्ता जंगल से भागने में सफल हो जाते हैं। जबकि ईशा देओल की मौत हो जाती है। फिल्म के आखिरी में सभी अपनी-अपनी जगह पहुंच जाते हैं। काली को जंगल में ही रहते हुए दिखाया जाता है। फिल्म को सोहम शाह ने डायरेक्ट किया था। इसकी कहानी भी सोहम शाह ने लिखी थी। फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी लेकिन इसके गाने काफी चर्चित रहे थे।
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