Chaitra Navratri 2023 Day 8 : आज नवरात्र की अष्ठमी पर करें मां के आठवें स्वरूप महागौरी का प्रेम से पूजन, मिलेगा अखंड सुहाग का आशीर्वाद
<p><em>चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन 29 मार्च 2023 दिन बुधवार को मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा होगी। महाअष्ठमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन कन्या पूजन भी होता है। मां महागौरी की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और अखंड सुहाग के साथ सौभाग्य की प्राप्ति होती है। </em></p> <p><em><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1680065125mahagauri.jpg" style="height:450px; width:800px" /></em></p> <p><em>मां के आठवें स्वरूप महागौरी का आज होगा पूजन</em></p>
माता महागौरी का स्वरूप
चैत्र नवरात्रि की अष्ठमी तिथि 29 मार्च को मनाई जा रही है। अष्ठमी के दिन माता के महागौरी रूप की पूजा की जाती है। माता का रूप पूर्णतः गौर वर्ण का है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। माता महागौरी के भी आभूषण और वस्त्र सफेद रंग के हैं। इनकी 4 भुजाएं हैं। इनके ऊपर वाला दाहिना हाथ अभय मुद्रा है जबकि नीचे वाले हाथ में मां ने त्रिशूल धारण किया हुआ है। ऊपर वाले बांये हाथ में डमरू और नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है । इनका वाहन वृषभ है।
मां महागौरी पूजन के शुभ मुहूर्त -
चैत्र शुक्ल अष्ठमी तिथि समाप्त - 29 मार्च 2023, रात 09.07
लाभ (उन्नति) - सुबह 06.15 - सुबह 07.48
अमृत (सर्वोत्तम) - सुबह 07.48 - सुबह 09.21
शुभ (उत्तम) - सुबह 10.53 - दोपहर 12.26
शोभन योग - 28 मार्च 2023, रात 11.36 - 30 मार्च 2023, प्रात: 12.13
रवि योग - 29 मार्च 2023, रात 08.07 - 30 मार्च 2023, सुबह 06.14
माता महागौरी का स्पेशल भोग
नवरात्रि के आठवे दिन मां महागौरी को भोग में नारियल और चीनी की मिठाई बनाकर चढ़ाने से माता प्रसन्न होती हैं और हर तरह की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. घर धन-संपदा से भर देती हैं|
मां महागौरी पूजा विधि-
सुबह स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ- स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मां की प्रतिमा को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद मां को सफेद रंग के वस्त्र अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां को सफेद रंग पसंद है।मां को स्नान कराने के बाद सफेद पुष्प अर्पित करें. रोली-कुमकुम लगाएं। इसके बाद नारियल और काले चने का भोग लगाएं।आरती भी करें और फिर कन्या पूजन कर, पारण करें।
इस मंत्र का करें जाप
नवरात्रि के महाअष्टमी के दिन आपको महागौरी के इस मंत्र का जाप जरूर करें।
'सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते ।।
इस मंत्र का 21 बार जाप करें, इससे आपको कई गुना लाभ मिलेगा। इसके अलावा इस मंत्र का भी जाप मन ही मन दिन भर कर सकते हैं।
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
अष्ठमी के दिन क्यों होती है महागौरी की पूजा
पुराणों के अनुसार माता दुर्गा ने महिषासुर से नौ दिन तक युद्ध कर उसे हराया था इसलिए नवरात्रि के नौ दिनों तक उनकी पूजा की जाती है। माना जाता है कि अष्टमी के दिन ही माता ने चंड-मुंड राक्षसों का संहार किया था। इसलिए इस दिन की पूजा का खास महत्त्व माना जाता है।अष्टमी के दिन को कुल देवी और माता अन्नपूर्णा का दिन भी माना जाता है। इसी कारण से माना जाता है कि इस दिन देवी की पूजा करने से आपके कुल में चली आ रही मुसीबतें और परेशानियां कम होती हैं और आने वाले कुल की रक्षा होती है।अष्टमी के दिन कन्याओं को भोजन कराने से घर में धन-धान्य और सौभाग्य बना रहता है।
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