'लंगड़े घोड़े' बयान से कांग्रेस में खलबली: राहुल गांधी के इशारे में क्या वरिष्ठ नेताओं के लिए खतरे की घंटी?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के एक कार्यक्रम में घोड़े की उपमा देते हुए दिए बयान से राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। वहीं विपक्षी दलों को उन पर हमला करने का नया मौका भी दे दिया है..
नयी दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के एक कार्यक्रम में घोड़े की उपमा देते हुए दिए बयान से राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। वहीं विपक्षी दलों को उन पर हमला करने का नया मौका भी दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को तीन तरह के 'घोड़ों' में बांटते हुए संकेत दिया कि पार्टी में जल्द ही कुछ बड़े बदलाव होने वाले हैं, खासतौर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस की में।
राहुल गांधी ने कहा, “जैसे कुछ घोड़े बारात के लिए होते हैं, कुछ दौड़ के लिए और कुछ लंगड़े (अपंग) होते हैं, वैसे ही अब कांग्रेस को भी इनकी पहचान करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “जिले के अध्यक्ष भी यहां हैं। कुछ ऐसे होंगे जो पूरी ताक़त से काम कर रहे हैं, कुछ थके हुए होंगे, या मानसिक तनाव में होंगे। अब वक्त आ गया है कि हमें पहचानना होगा कि दौड़ का घोड़ा कौन है और बारात का कौन। कमलनाथ जी कहा करते थे कि कभी दौड़ के घोड़े को बारात में खड़ा कर देते हैं और कभी बारात के घोड़े को दौड़ में। लेकिन अब एक तीसरी कैटेगरी है — 'लंगड़ा घोड़ा', जिसे रिटायर करना होगा।"
कांग्रेस के भीतर विवाद: वरिष्ठ नेताओं पर परोक्ष हमला?
राहुल गांधी के इस बयान को पार्टी के अंदर कुछ वरिष्ठ नेताओं के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर तब जब पार्टी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मतभेदों से जूझ रही है और शशि थरूर जैसे नेता कांग्रेस लाइन से अलग राय रख चुके हैं।
भाजपा ने राहुल गांधी पर किया पलटवार
राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने कड़ा विरोध जताया
- बीजेपी नेता आरपी सिंह खालसा ने तंज कसते हुए कहा कि "सबको पता है कि असली 'लंगड़ा घोड़ा' कौन है।"
- मध्य प्रदेश के मंत्री और भाजपा विधायक विश्वास सारन ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी अभी तक परिपक्व नहीं हुए हैं। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है।”
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने किया समर्थन
वहीं, कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा, “जब युद्ध की तैयारी होती है, तब मजबूत घोड़े चाहिए होते हैं। दौड़ का घोड़ा ही दौड़ सकता है।”
‘नरेंद्र सरेंडर’ टिप्पणी पर विवाद जारी
राहुल गांधी की हालिया 'नरेंद्र सरेंडर' टिप्पणी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कॉल में ही मोदी जी से पाकिस्तान के साथ सीज़फायर करवा लिया, अभी तक चर्चा में बनी हुई है। इस पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी ने सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना और देश का भी अपमान किया है।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला भारत ने एक परमाणु शक्ति देश में घुसकर लिया, 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए गए, 100 से ज़्यादा आतंकियों को मारा गया और पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाया गया।”
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की ऐतिहासिक विफलताओं की याद दिलाते हुए कहा, “भारत की स्वतंत्रता के बाद हर दशक में आपकी पार्टी, आपकी सरकार और आपके परिवार की विफलताएं दर्ज हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को जो नैतिक समर्थन दिया, उसकी मिसाल नहीं है। वह भारत माता के असली शेर हैं।”
उन्होंने 1971 युद्ध का जिक्र करते हुए सवाल किया, “जब अमेरिका ने सातवां बेड़ा भेजा, तो रूस ने भी अपना बेड़ा भेजा। तब हमारे पास पाकिस्तानी सेना के एक-तिहाई जवान थे फिर भी POK वापस क्यों नहीं लिया गया? 54 भारतीय कैदी क्यों नहीं लाए गए?”
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