‘कोई प्लान-बी नहीं’: HAL प्रमुख ने कहा, तेजस Mk1A पूरी तरह GE इंजन पर निर्भर..लेकिन सप्लाई रुकी तो क्या होगा?
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने तेजस Mk1A लड़ाकू विमान कार्यक्रम की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह विमान पूरी तरह जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के F404-IN20 इंजन पर निर्भर है और इसके लिए कोई वैकल्पिक इंजन योजना (प्लान-बी) मौजूद नहीं..
नयी दिल्ली। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने तेजस Mk1A लड़ाकू विमान कार्यक्रम की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह विमान पूरी तरह जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के F404-IN20 इंजन पर निर्भर है और इसके लिए कोई वैकल्पिक इंजन योजना (प्लान-बी) मौजूद नहीं है। HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने पुष्टि की कि तेजस Mk1A का डिज़ाइन और प्रदर्शन पूरी तरह इसी इंजन के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है।
एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने इंजन की आपूर्ति में हो रही देरी और बैक-अप विकल्प न होने को लेकर उठ रही चिंताओं पर जवाब दिया। उनके मुताबिक, आधुनिक लड़ाकू विमान में इंजन बदलना आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा, “सबसे पहले इंजन चुना जाता है और फिर उसी के अनुसार विमान का डिज़ाइन तैयार होता है। थ्रस्ट, वजन का संतुलन और कई अन्य तकनीकी पैरामीटर इसी इंजन के हिसाब से तय किए जाते हैं।”
दूसरा इंजन लगाने पर क्या होगा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या रूसी या यूरोपीय जैसे किसी अन्य इंजन को तेजस Mk1A में लगाया जा सकता है, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसा करने पर पूरे विमान को दोबारा डिज़ाइन करना पड़ेगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर कोई दूसरा इंजन लगाया गया, तो पूरे एयरफ्रेम को फिर से तैयार करना होगा और सभी उड़ान व प्रदर्शन परीक्षण दोबारा करने पड़ेंगे। इससे यह परियोजना कई साल पीछे चली जाएगी।”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय वायुसेना (IAF) पहले ही ऑपरेशनल स्क्वाड्रनों की कमी से जूझ रही है, ऐसे में इंजन की समय पर आपूर्ति बेहद जरूरी है।
इंजन सप्लाई को लेकर क्या स्थिति है?
डीके सुनील ने भरोसा जताया कि अब स्थिति स्थिर हो रही है। उन्होंने बताया कि जनरल इलेक्ट्रिक ने उत्पादन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है और एक नई इंजन प्रोडक्शन लाइन शुरू की है।
उन्होंने कहा, “मुझे नई प्रोडक्शन लाइन और GE के निवेश पर भरोसा है। अब इंजन की डिलीवरी तय समय पर होगी।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, F404 इंजन की पहली खेप की डिलीवरी 2026 की शुरुआत में शुरू हो सकती है।
बिना इंजन के तैयार विमान
इंजन की देरी के बावजूद HAL ने विमानों के एयरफ्रेम बनाना जारी रखा।
- इस समय 5 तेजस Mk1A विमान पूरी तरह तैयार हैं और इंजन मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
- इसके अलावा 9 और विमान उड़ान परीक्षण पूरा कर चुके हैं, लेकिन इंजन की कमी के कारण जमीन पर खड़े हैं।
तेजस कार्यक्रम को राहत
HAL प्रमुख के इस बयान से तेजस Mk1A कार्यक्रम को बड़ी राहत मिली है। इससे संकेत मिलता है कि परियोजना अब फिर से पटरी पर लौट रही है। अब सबसे बड़ा फोकस इंजनों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है, ताकि भारतीय वायुसेना इन लड़ाकू विमानों को तय योजना के अनुसार शामिल कर सके।
What's Your Reaction?