कांग्रेस में 22 साल बाद चुनावी मुकाबला, सोनिया अस्वस्थता के कारण पीछे हट रहीं और राहुल ने लड़ने मना किया
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मतदान की तारीख भले अगले महीने की 17 तारीख तय की गई हो लेकिन इसे लेकर हलचल इस महीने काफी हो रही है। सोनिया गांधी अस्वस्थता के चलते पीछे हट गई है और राहुल गांधी के चुनाव लडऩे पर भी मंगलवार शाम सस्पेंस खत्म हो गया। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी ने चुनाव लडऩे से मना कर दिया है और वह भारत जोड़ो यात्रा को जारी रखेंगे।
ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए सीएम अशोक गहलोत और सांसद शशि थरूर के बीच अब सीधा मुकाबला है। अगर ऐसा हुआ तो 22 साल बाद इस पद के लिए कड़ा मुकाबला हो सकता है। असल में 22 साल पहले कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और जितेंद्र प्रसाद के बीच भी कुछ ऐसा ही मुकाबला देखने को मिला था।
22 साल पहले सोनिया गांधी से हारे थे जितेंद्र प्रसाद
राहुल गांधी के अपने रुख पर कायम रहने के कारण अब 22 साल बाद कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबले के प्रबल आसार हैं। वर्ष 2000 में सोनिया गांधी और जितेंद्र प्रसाद के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें प्रसाद को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इससे पहले, 1997 में सीताराम केसरी, शरद पवार और राजेश पायलट के बीच अध्यक्ष पद को लेकर मुकाबला हुआ था जिसमें केसरी जीते थे। पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुनाव लडऩे की अपनी इच्छा से उन्हें अवगत कराया था तो दूसरी तरफ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी चुनावी रण में उतरने के संकेत मिल रहे हैं। कुछ अन्य लोगों के भी चुनाव लडऩे का ऐलान करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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