क्रिटिकल मिनरल्स से परमाणु सहयोग तक: भारत–अमेरिका ट्रेड डील के बाद जयशंकर ने रुबियो और बेसेंट से किन मुद्दों पर की चर्चा..
भारत–अमेरिका के बीच बड़े व्यापार समझौते की घोषणा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार (3 फरवरी) को वॉशिंगटन में अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों से अहम मुलाकातें कीं। जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट से अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें आर्थिक साझेदारी से लेकर रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों तक पर चर्चा..
वॉशिंगटन। भारत–अमेरिका के बीच बड़े व्यापार समझौते की घोषणा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार (3 फरवरी) को वॉशिंगटन में अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों से अहम मुलाकातें कीं। जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट से अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें आर्थिक साझेदारी से लेकर रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों तक पर चर्चा हुई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने बताया कि स्कॉट बेसेंट के साथ उनकी भारत–अमेरिका आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर उपयोगी बातचीत हुई। वहीं, मार्को रुबियो के साथ उनकी चर्चा द्विपक्षीय सहयोग एजेंडा, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों जैसे व्यापक विषयों पर केंद्रित रही।
जयशंकर की ये उच्चस्तरीय बैठकें ऐसे समय में हुई हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की घोषणा की है। इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
रणनीतिक साझेदारी के अहम आयाम
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपनी पोस्ट में कहा कि मार्को रुबियो के साथ हुई बैठक में भारत–अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया। इनमें व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के राजनयिक तंत्रों के बीच जल्द ही विभिन्न स्तरों पर लगातार बैठकें हो सकती हैं।
इसके तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी जयशंकर के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं और बताया कि दोनों पक्षों ने क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और आपूर्ति में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के बीच नई आर्थिक संभावनाओं को खोलने के लिए साथ मिलकर काम करने की गुंजाइश है। उन्होंने यह भी कहा, “हमने अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते की सराहना की।”
क्रिटिकल मिनरल्स मंत्रीस्तरीय बैठक में भाग लेंगे जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर बुधवार को वॉशिंगटन डीसी में होने वाली पहली क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में भी हिस्सा लेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस बैठक में 50 से अधिक देशों के अधिकारी शामिल होंगे और इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और विविध बनाना है।
इस बैठक में जयशंकर की भागीदारी मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप (MSP) में भारत की भूमिका और पैक्स सिलिका (Pax Silica) पहल को रेखांकित करती है, जिसका मकसद एआई और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है।
भारत–अमेरिका ट्रेड डील का संदर्भ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (2 फरवरी) को अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते की पुष्टि करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की और इसे वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि इस समझौते के तहत भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा।
गौरतलब है कि ट्रंप ने पिछले साल भारतीय निर्यात पर पहले 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और बाद में रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को “दंडित” करते हुए इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। अब इस नए समझौते के तहत टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे भारत को प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले फायदे की स्थिति में माना जा रहा है।
कई महीनों तक चले व्यापार तनाव और ट्रंप प्रशासन के भीतर से, खासकर व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की ओर से की गई आलोचनाओं के बाद, भारतीय वार्ताकारों की दृढ़ता का नतीजा अंततः सकारात्मक रूप में सामने आया है। हालांकि, इस समझौते का अंतिम मसौदा और तकनीकी विवरण अभी तैयार किए जा रहे हैं।
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