कोगिलु विवाद में पाकिस्तान की एंट्री, भारत के विदेश मंत्रालय ने दिया कड़ा जवाब..!

बेंगलुरु के कोगिलु स्लम में हुई तोड़फोड़ को लेकर अब पाकिस्तान ने भी टिप्पणी कर दी है। केरल के बाद अब पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर बयान जारी करते हुए नाक घुसाई है। सोमवार को पाकिस्तान ने अपने विदेश मंत्रालय के जरिए कथित तौर पर एक प्रेस बयान जारी कर दावा किया कि राज्य के समर्थन से ‘मुस्लिम’ घरों को ढहाया जा..

कोगिलु विवाद में पाकिस्तान की एंट्री, भारत के विदेश मंत्रालय ने दिया कड़ा जवाब..!
31-12-2025 - 12:21 PM

बेंगलुरु। बेंगलुरु के कोगिलु स्लम में हुई तोड़फोड़ को लेकर अब पाकिस्तान ने भी टिप्पणी कर दी है। केरल के बाद अब पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर बयान जारी करते हुए नाक घुसाई है। सोमवार को पाकिस्तान ने अपने विदेश मंत्रालय के जरिए कथित तौर पर एक प्रेस बयान जारी कर दावा किया कि राज्य के समर्थन से ‘मुस्लिम’ घरों को ढहाया जा रहा है। इसके साथ ही उसने ईसाइयों पर कथित हमलों का भी जिक्र किया और इन घटनाक्रमों कोगंभीर चिंता का विषय” बताया।

पाकिस्तान की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री (DCM) और बेंगलुरु विकास मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि पाकिस्तान के बयानों पर राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता जवाब देंगे।

इस पर विदेश मंत्रालय की ओर से कड़ा जवाब देते हुए प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, हम ऐसे देश की टिप्पणियों को खारिज करते हैं, जिसका इस मामले में बेहद खराब रिकॉर्ड पूरी दुनिया जानती है। पाकिस्तान में विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों का भयावह और सुनियोजित उत्पीड़न एक स्थापित सच्चाई है। उंगली उठाने से वह इस सच्चाई को नहीं छिपा सकता।”

उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने यह भी कहा कि जिन विस्थापितों के पास दो राज्यों के पहचान पत्र (आईडी कार्ड) पाए गए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी।

BSWML ने 5 एकड़ जमीन कराई मुक्त, बायोगैस प्लांट की योजना

यह जमीन बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) की बताई जा रही है। एजेंसी ने येलहंका के फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में स्थित करीब 160 स्लम घरों को गिराकर लगभग 80 करोड़ रुपये मूल्य की 5 एकड़ जमीन को मुक्त कराया है। इस स्थान पर बायोगैस प्लांट और एनिमल रेंडरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना है।

जब शिवकुमार से पूछा गया कि क्या सभी विस्थापितों को पुनर्वास दिया जाएगा, तो उन्होंने स्पष्ट किया, हम केवल वास्तविक और पात्र विस्थापितों का ही पुनर्वास करेंगे। आवास सिर्फ योग्य स्थानीय लोगों को ही दिया जाएगा।”

मुद्दा बना राजनीतिक

हालांकि, यह तोड़फोड़ जल्द ही राजनीतिक विवाद का रूप ले बैठी। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि कर्नाटक में उत्तर प्रदेश काबुलडोजर राज’ लाया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों और दलितों को दबाने का आरोप भी लगाया। इसके बाद केरल से सीपीआई(एम) के प्रतिनिधि भी तोड़फोड़ स्थल का दौरा करने लगे।

डैमेज कंट्रोल के प्रयास में, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपालजिन्हें केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत की स्थिति में मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है, ने कर्नाटक सरकार से समस्या को कम करने के लिए कदम उठाने को कहा। यह अपील ऐसे समय में आई है, जब केरल में अगले साल अप्रैल–मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।

विस्थापितों को मिलेगा आवास

कर्नाटक सरकार ने अब फैसला किया है कि विस्थापितों को राजीव गांधी हाउसिंग कॉरपोरेशन योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा और तब तक उन्हें बयप्पनहल्ली में अस्थायी आश्रय दिया जाएगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।