आज अदालत में हराया, अब चुनाव में बीजेपी को धूल चटाएंगे: सुप्रीम कोर्ट के SIR आदेश पर अभिषेक बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को, जिसमें चुनाव आयोग (EC) को गणना प्रपत्रों में तार्किक विसंगतियों के आधार पर सुनवाई के लिए बुलाए गए मतदाताओं के नाम सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया..

आज अदालत में हराया, अब चुनाव में बीजेपी को धूल चटाएंगे: सुप्रीम कोर्ट के SIR आदेश पर अभिषेक बनर्जी
20-01-2026 - 08:38 AM

बरासात। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को, जिसमें चुनाव आयोग (EC) को गणना प्रपत्रों में तार्किक विसंगतियों के आधार पर सुनवाई के लिए बुलाए गए मतदाताओं के नाम सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है, उन लोगों के चेहरे पर दो ज़ोरदार तमाचे” बताया, जो लोगों से उनके मतदान के मौलिक अधिकार को छीनने की कोशिश कर रहे थे।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के बरासात में एक जनसभा को संबोधित करते हुए TMC के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि अदालत में मिली यह “जीत” अप्रैल में संभावित चुनावों में पार्टी की चुनावी जीत का रास्ता खोलेगी।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, यह ‘मां, माटी, मानुष’ और पश्चिम बंगाल के लोगों की जीत है उन लोगों के खिलाफ, जो एक करोड़ नागरिकों को चुन-चुनकर मतदाता सूची से हटाना चाहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन लोगों के चेहरे पर दो ज़ोरदार तमाचे मारे हैं, जिन्होंने न सिर्फ़ पश्चिम बंगाल के लोगों को भूखा रखने की कोशिश की, बल्कि उनसे उनके मौलिक मतदान अधिकार को भी छीनना चाहा।”

उन्होंने आगे कहा, आज हमने उन्हें अदालत में हराया है और अप्रैल में होने वाले चुनावों में भी हम उन्हें करारी शिकस्त देंगे। तैयार रहिए। पश्चिम बंगाल यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश या गुजरात नहीं है। इस राज्य ने देश के स्वतंत्रता संग्राम और पुनर्जागरण को दिशा दिखाई है। हम बाहरी लोगों के सामने सिर नहीं झुकाते।”

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह अगले तीन दिनों के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत और ब्लॉक कार्यालयों तथा शहरी इलाकों में वार्ड कार्यालयों में उन मतदाताओं के नाम प्रदर्शित करे, जिनके नाम तार्किक विसंगतियों”  की सूची में हैं। इसके साथ ही आयोग को आदेश दिया गया कि सूची प्रकाशित होने के 10 दिनों के भीतर उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जाए।

पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित मनमानी और प्रक्रियागत अनियमितताओं को लेकर दाख़िल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, तीन जजों की पीठ..मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति दिपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने यह भी अनुमति दी कि सुनवाई के दौरान नोटिस पाने वाला व्यक्ति किसी की भी मदद ले सकता है, चाहे वह वकील, परिवार का सदस्य, पड़ोसी या कोई राजनीतिक पार्टी का BLA (बूथ लेवल एजेंट) हो, बशर्ते उसके पास उचित प्राधिकरण हो।

शीर्ष अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि माध्यमिक (माध्यमिक परीक्षा) के एडमिट कार्ड, जिन पर जन्मतिथि दर्ज हो, को SIR सुनवाई के दौरान वैध दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार किया जाए।

बीजेपी का SIR खेल खत्म”

अभिषेक बनर्जी ने कहा, बीजेपी का SIR खेल खत्म हो गया है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास जानकारी है कि अदालत ने चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं को दस्तावेज़ जमा करने की रसीद दी जाए।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, तो मोदीजी, अब बताइए—कौन ज़्यादा ताक़तवर है? पश्चिम बंगाल के 10 करोड़ लोग या बीजेपी के ज़मींदार? बाहर से आए अत्याचारी या मेहनतकश जनता?”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।