बजट 2024: थैंक्यू के साथ टैक्सपेयर्स को क्या थमा गईं वित्त मंत्री
<p>बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में टैक्स कलेक्शन तीन गुना बढ़ा और टैक्स भरने वालों की संख्या 2.4 गुना तक बढ़ गई।</p>
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया लेकिन करदाताओं का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश में आयकर देने वाले लोगों की संख्या 2.40 गुना बढ़ी है। इससे टैक्स कलेक्शन में इजाफा हुआ है और देश की ग्रोथ को रफ्तार मिली है।
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 10 साल में इनकम टैक्स कलेक्शन 3 गुना बढ़ गया है। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में टैक्स रेट में कटौती की है। अब 7 लाख की आय वालों पर कोई कर देय नहीं है।
‘करदाताओं का आभार’
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में वृद्धि हुई है। इस अवधि में टैक्स कलेक्शन तीन गुना बढ़ा और टैक्स भरने वालों की संख्या 2.4 गुना तक बढ़ गई।
क्या बोली निर्मला सीतारमण
“मैं करदाताओं को आश्वस्त करना चाहूंगी कि उनके द्वारा टैक्स के तौर पर दिए गए आर्थिक योगदान का इस्तेमाल देश के विकास के लिए बुद्धिमानी से उपयोग किया गया।” वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारा ध्यान कर सुधारों पर रहा है। पहले टैक्स रिफंड मिलने में 90 दिन लग जाते थे लेकिन अब 10 दिनों अंदर पैसों का भुगतान हो रहा है।
‘अब टैक्स की दरें और व्यवस्था ज्यादा आसान’
वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने कर दरों को कम किया और तर्कसंगत बनाया है। नई टैक्स स्कीम के तहत अब टैक्स के लिए कोई टैक्स देनदारी नहीं रहेगी। 7 लाख तक की आय वाले भुगतानकर्ता, 2.2 लाख से ऊपर वित्तीय वर्ष 2013-14। अनुमानित कराधान की सीमा, खुदरा व्यवसायों के लिए सीमा 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ कर दी गई।
बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, “वित्त मंत्री सीतारमण ने अंतरिम बजट 2024 में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कर दरों में कोई बदलाव नहीं करने की घोषणा की। उन्होंने पिछले साल नई कर व्यवस्था में आयकर की सीमा बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी थी। इसके जरिए सरकार ने कामकाजी आबादी को कवर करने की कोशिश की थी। फिर भी, रिपोर्टों से पता चला है कि टैक्सपेयर पुरानी टैक्स व्यवस्था का पालन कर रहे हैं।
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