उपचुनाव: सरदारशहर के लिए चुनाव आयोग करेगा फैसला
<p><em><strong>भंवरलाल शर्मा के निधन के बाद सरदारशहर सीट खाली हो गई है। सरदारशहर सीट खाली होने पर अब यहां उपचुनाव करवाने पर फैसला चुनाव आयोग करेगा।</strong></em></p>
भंवरलाल शर्मा के निधन के बाद सरदारशहर सीट खाली हो गई है। विधानसभा में कांग्रेस के अब 107 विधायक रह गए हैं। सरदारशहर सीट खाली होने पर अब यहां उपचुनाव करवाने पर फैसला चुनाव आयोग करेगा। किसी विधायक के निधन पर छह महीने के भीतर उपचुनाव करवाने का प्रावधान है। लेकिन अगर विधानसभा का कार्यकाल साल भर से कम बचा हो तो उपचुनाव नहीं करवाए जाते। विधानसभा का कार्यकाल एक साल से ज्यादा है इसलिए यहां उपचुनाव होना तय माना जा रहा है, हालांकि, आखिरी फैसला चुनाव आयोग करेगा।
चार साल में छह विधायकों का निधन
राजस्थान विधानसभा की नई बिल्डिंग बनने के बाद एक संयोग रहा है कि यहां कभी 200 विधायक एक साथ नहीं बैठे। भवंरलाल शर्मा के निधन के बाद अब विधानसभा में 199 विधायक रह गए हैं। मौजूदा 15वीं विधानसभा में चार साल में अब तक छह विधायकों का निधन हो चुका है।
इससे पहले कोरोना काल में मंत्री और सुजानगढ़ से विधायक मास्टर भंवरलाल, सहाड़ा से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी, वल्लभनगर से कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत, राजसमंद से बीजेपी विधायक किरण माहेश्वरी और धरियावद से बीजेपी विधायक गौतमलाल मीणा का निधन हो चुका है।
सरकारी सचेतक ने की थी हवन कराने की मांग
पिछले 21 साल से कई बार ऐसी भी चर्चा रही कि विधानसभा की बिल्डिंग में भूतों का डेरा है। ये चर्चा विधानसभा में बहस का मुद्दा तक बनी। पिछली भाजपा सरकार में सरकारी सचेतक रहे कालूलाल गुर्जर ने तो सरकार से हवन कराने की मांग की थी। तत्कालीन एमएलए हबीबुर्रहमान ने भी सीटें पूरी न भर पाने की वजह भूतों को ही बताया था।
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