BBC Documentary : डॉक्यूमेंट्री पर बवाल... पीएम मोदी की छवि बिगाड़ने के आरोप, ट्वीट शेयरिंग पर रोक
<p><em><strong>BBC Documentary : बीबीसी की गुजरात दंगों के परिप्रेक्ष्य में बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटेन से भारत तक हंगामा मचा हुआ है। ब्रिटेन में जहां इसकी आलोचना में इसे पूर्वाग्रह से ग्रस्त बताया जा रहा है, वहीं भारत में इसे विदेशी प्रोपेगेंडा का हिस्सा करार दिया गया है।</strong></em></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>
केंद्र सरकार ने पीएम मोदी को लेकर बनी BBC Documentary ‘इंडियाः द मोदी क्वेश्चन’ को शेयर करने वाले ट्वीट्स को ब्लॉक करने काआदेश दिया है। डॉक्यूमेंट्री की जांच में पाया गया कि यह छवि बिगाड़ने की कोशिश है। डॉक्यूमेंट्री के लिंक जिन ट्वीट के जरिए शेयर किए गए हैं, उनको भी ब्लॉक कर दिया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से यह निर्देश जारी किए गए हैं।
मंत्रालय का कहना है कि बीबीसी ने इसे भारत में उपलब्ध नहीं कराया। कुछ यू ट्यूब चैनल ने इसे अपलोड किया। ऐसा लगता है कि भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए इसे अपलोड किया गया है।
यूट्यूब और ट्विटर का भी एक्शन
बताया जा रहा है कि यूट्यूब ने भी वीडियो को फिर से अपने प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने पर ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। ट्विटर ने भी अन्य प्लेटफॉर्म पर वीडियो के लिंक वाले ट्वीट्स की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आईटी नियम, 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए आदेष दिए हैं कि डॉक्यूमेंट्री के पहले एपिसोड के यू ट्यूब पर शेयर किए गए सभी वीडियो को ब्लॉक किया जाए। ट्विटर को बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले 50 से अधिक ट्वीट्स ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है। भारत सरकार ने इसे प्रधानमंत्री मोदी और देश के खिलाफ प्रोपेगैंडा बताया था।
डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि यह बीबीसी की 2024 से पहले पीएम मोदी को गिराने की साजिश है। वे मोदी को निशाना बनाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल करेंगे। बीबीसी ने इस सीरीज को लाकर अपनी विष्वसनीयता कम कर दी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एंग्लो तबका, खासकर ब्रिटिश एक मजबूत भारत और मजबूत प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं।
ब्रिटेन के सांसद बोले, डॉक्यूमेंट्री निष्पक्ष नहीं
यूके के सांसद लॉर्ड रामी रेंजर ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर 18 जनवरी को ट्वीट करते हुए कहा, आपने भारत के 100 करोड़ से अधिक लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। एक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री, भारतीय पुलिस और भारतीय न्यायपालिका की भावनाओं को ठेस पहुंची है। हम गुजरात दंगों की निंदा करते हैं, लेकिन आपकी पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग की भी आलोचना करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट पीएम मोदी को क्लीन चिट दे चुका है
गुजरात में 2002 में हुए दंगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन किया था। कमेटी ने दंगों में नरेंद्र मोदी का हाथ नहीं पाया था। टीम ने कहा था कि मोदी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले।
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