ईडी की रेड में आईएएस ऑफिसर की पत्नी के पास से मिली 15 करोड़ की एफडी, आइलैंड में जमीन यानी 150 करोड़ की संपत्ति..!

<p><em>प्रवर्तन निदेशालय<strong> </strong>यानी ईडी ने बुधवार को कोविड जंबो सेंटर घोटाला मामले में बुधवार को मुंबई में कई जगह रेड डाली थी। इसमें उसे 150 करोड़ रुपये से अधिक के मूल्य की 50 संपत्तियों के कागजात मिले हैं। इन संपत्तियों के अलावा 15 करोड़ रुपये के कई अन्य जगह हुए निवेश के कागजात भी मिले हैं।</em></p>

ईडी की रेड में आईएएस ऑफिसर की पत्नी के पास से मिली 15 करोड़ की एफडी, आइलैंड में जमीन यानी 150 करोड़ की संपत्ति..!
23-06-2023 - 12:42 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

गुरुवार तक चली इस रेड में ईडी ने संदेहास्पद के ठिकानों से कई एफडी और 2.46 करोड़ रुपये कीमत के आभूषण भी जब्त किये हैं। इसके अलावा ईडी को 68.65 लाख रुपये नकद भी मिले हैं। गुरुवार को ईडी की टीम ने भायखला में बीएमसी के सेंट्रल परचेज डिपार्टमेंट (सीपीडी) का दौरा किया जिससे कि कोविड-19 के दौरान स्वीकृत अनुबंध से संबंधित खरीद दस्तावेजों की जांच की जा सके। बता दें कि इसी संदर्भ में ईडी ने शिवसेना सांसद संजय राउत के करीबी सुजीत पाटकर की पार्टनरशिप फर्म लाइफलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज को दिए गए ठेकों से संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की।
जानकारी मिली है कि सीपीडी के माध्यम से बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी खर्च होते हैं। कोविड काल के दौरान इसी विभाग के माध्यम से चिकित्सा उपकरण खरीदे गए थे। ईडी ने गुरुवार को आईएएस अधिकारी संजीव जायसवाल को भी पूछताछ के लिए समन भेजा था लेकिन वे जांच टीम के सामने नहीं पहुंचे। जायसवाल कोरोना काल में बीएमसी में अतिरिक्त आयुक्त के तौर पर तैनात थे।

जांच के दौरान ईडी को पता चला कि संजीय जायसवाल की पत्नी और उनके पास 24 संपत्तियां हैं। जायसवाल की पत्नी के नाम पर मध द्वीप पर आधा एकड़ का प्लॉट भी मिला है। इसके अलावा उनके नाम पर कई फ्लैट्स के होने के प्रमाण भी सामने आए हैं। संपत्ति का मूल्य 34 करोड़ रुपये है। इसके अलावा ईडी को जायसवाल की पत्नी के नाम पर 15 करोड़ रुपये की एफडी भी मिली है।

ससुर से प्रॉपर्टी गिफ्ट मिलना बताया

ईडी के अधिकारियों ने कहा कि जायसवाल ने अपनी संपत्तियों की कुल कीमत 34 करोड़ रुपये बताई और उन्हें बताया कि प्लॉट और एफडी सहित अधिकांश संपत्ति उनकी पत्नी को उनके पिता, एक सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी, मां और दादा-दादी ने उपहार में दी थीं। आईएएस अधिकारी संजीव जायसवाल गुरुवार को ईडी अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए, हालांकि उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

संजीव जायसवाल की सफाई

ईडी की तलाशी के दौरान संजीव जायसवाल घर पर थे। यह पता चला है कि जायसवाल ने तलाशी के दौरान स्वेच्छा से संपत्ति के दस्तावेज जमा किए और दावा किया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने उन्हें अपने आयकर रिटर्न में सूचीबद्ध किया था और अपनी अचल संपत्ति संपत्ति रिटर्न में सरकार को उनका खुलासा किया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इनमें से कई संपत्तियां 1980-1990 के बीच खरीदी गई थीं। जायसवाल ने कथित तौर पर ईडी अधिकारियों को यह भी बताया कि बीएमसी का केंद्रीय खरीद विभाग जो कि कोविड-19 से संबंधित सामान खरीद रहा था, वह उनके अधीन नहीं था और सुजीत पाटकर की फर्म एलएचएमएस को अनुबंध के आवंटन में उनकी सीमित भूमिका थी।
संजीव जायसवाल ने बताया कि ठेके के फाइल उनके पास आने से पहले कनिष्ठ अधिकारियों और अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त (स्वास्थ्य) के हस्ताक्षरित होती थीं। बीएमसी आयुक्त आईएस चहल का भी अनुमोदन होता था।

यह था बीएमसी कोविड घोटाला

बीएमसी ने एक साल के अंतराल के भीतर अलग-अलग दरों पर बॉडी बैग खरीदे थे, 2020 में 6,800 रुपये प्रति बैग और 2021 में 6000 रुपये। ईडी के एक सूत्र ने कहा कि एक ही कंपनी ने बॉडी बैग की आपूर्ति की थी। दूसरों को 2,000 रुपये प्रति व्यक्ति लेकिन बीएमसी ने 6,800 रुपये का भुगतान किया। यह ठेका तत्कालीन मेयर के निर्देश पर दिया गया था। ईडी अधिकारियों ने यह भी पाया कि बीएमसी ने खुले बाजार की तुलना में 25-30% अधिक दरों पर दवाएं खरीदीं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।