Hindenburg's Report : मुश्किलों से घिरे अडानी के लिए आई गुड न्यूज, मिली 3200 करोड़ की बोली, निवेशक का भी साथ..!
<p><em><strong>Hindenburg's Report : अडानी समूह हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के कारण आए अपने शेयरों में भूचाल से उबरने में जुटा है। अरबों की संपत्ति इस रिपोर्ट के कारण स्वाहा हो गई है। खुद गौतम अडानी की नेटवर्थ में करोड़ों की गिरावट आ चुकी है। हालांंकि सवालों के इस कठिन दौर में उनके लिए राहत की दो खबरें भी आई है।</strong></em></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>
अडानी समूह के लिए ये मुश्किल भरा दौर है। गौतम अडानी की कंपनियों को लेकर Hindenburg's Report सामने आई, जिसके बाद से अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का मार्केट कैप गिरता जा रहा है। खुद गौतम अडानी की नेटवर्थ में गिरावट देखने को मिली है। लेकिन अब, सवालों से घिरे गौतम अडानी के लिए राहत की खबर आई है। उन पर उनके बड़े निवेशक भरोसा जता रहे हैं। वहीं, अडानी एंटरप्राइजेज के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर को भी बड़ी बोली मिली है।
सिंगापुर की निवेशक टेमासेक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने कहा है कि वो अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन में अपने निवेश को कायम रखेंगे। वहीं, यूएई की कंपनी इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी ने अडानी के एफओपी में बड़ी बोली लगाई है। आईएचसी ने एलान किया है किया है कि वो अडानी एंटरप्राइजेज के एफओपी में अपनी सब्सिडियरी ग्रीन ट्रांसमिशन इंवेस्टमेंट होल्डिंग आरएचसी के जरिए निवेश करेगी। आईएचसी आबूधाबी में सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनियों में शामिल है। अब इस कंपनी ने अडानी के एफपीओ में बोली लगाकर बड़ा भरोसा दिखाया है। अडानी समूह में इससे पहले आईएचसी ने पहले भी निवेश किया है। पिछले साल कंपनी ने अडानी ग्रीन में निवेश किया था।
कंपनी ने कहा कि उन्हें अडानी एंटरप्राइजेज पर पूरा भरोसा है। कंपनी के सीईओ सैय्यद बसर शुएब ने कहा कि लॉगटर्म में ग्रोथ की पूरी संभावना दिख रही है। वहीं, सिंगापुर की निवेशक टेमासेक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने कहा है कि वो अडानी समूह की कंपनी में अपने निवेश को जारी रखेंगे। दिसंबर 2022 में टेमासेक ने अडानी पोट्र्स में 1.4 करोड़ सिंगापुरी डॉलर का निवेश किया था। इसके बदले उसने 1.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की।
आया हिंडनबर्ग का जवाबः राष्ट्रवाद का चोला ओढ़कर भारत को लूट रहा है अडानी ग्रुप
अडानी ग्रुप और अमेरिका की शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर गहरा गया है। अडानी ग्रुप ने रविवार, 29 जनवरी को अमेरिकी कंपनी की रिपोर्ट पर 413 पेज का जवाब भेजा था। इस पर हिंडनबर्ग का भी जवाब आ गया है। उसका कहना है अडानी ग्रुप मुद्दों से ध्यान भटका रहा है। उसका कहना है कि राष्ट्रवाद का चोला ओढ़कर धोखाधड़ी से नहीं बचा जा सकता। आरोपों का जवाब देने के बजाय अडानी ग्रुप राष्ट्रवाद का सहारा ले रहा है। कंपनी ने कहा, ‘हम मानते हैं कि भारत एक वाइब्रेंट डेमोक्रेसी है और एक सुपरपावर के तौर पर उबर रहा है। हम साथ ही यह भी मानते हैं कि अडानी ग्रुप भारत के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। यह ग्रुप राष्ट्रवाद की आड़ में देश को लूट रहा है। हमारा मानना है कि फ्रॉड चाहे जो भी करे वह फ्रॉड होता है। आप इसे देश पर हमला बताकर बच नहीं सकते हैं।’
अमेरिकी फर्म ने कहा कि उसने अडानी ग्रुप से 88 सवाल पूछे थे, जिसमें से उसने 62 सवालों के जवाब नहीं दिए। इनमें से कई सवाल ट्रांजैक्शंस की प्रवृत्ति और हितों के टकराव के बारे में पूछे गए थे। लेकिन, अडानी ग्रुप ने इनका कोई जवाब नहीं दिया। उसने जो जवाब दिया है उसमें काफी हद तक हमारी रिपोर्ट की पुष्टि की है।
What's Your Reaction?