इसलिए राजस्थान में नहीं हो पा रही शराबबंदी, सीएम गहलोत ने बताई मजबूरी
<p><em><strong>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ओपीएस को जरूरी बताते हुए कहा कि एनपीएस को लेकर केन्द्र ने कमेटी बनाई है, इसे पहले भी बना सकते थे। धीरे-धीरे केन्द्र को हमारी योजनाओं को लागू करना पड़ेगा।</strong></em></p>
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ओपीएस को जरूरी बताते हुए कहा कि एनपीएस को लेकर केन्द्र ने कमेटी बनाई है, इसे पहले भी बना सकते थे। धीरे-धीरे केन्द्र को हमारी योजनाओं को लागू करना पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि मेरे राज में भी शराब बिक रही है, मजबूरी है शराबबंदी लागू नहीं कर सकते।
गहलोत ने शुक्रवार को यहां बजट घोषणाओं के लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘जनता का पैसा-जनता को’ कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का अध्ययन करवाकर उनको पूरे देश में लागू करवाना चाहिए।
स्वास्थ्य का अधिकार देने वाला देश का पहला राज्य
मुख्यमंत्री ने डॉ बीआर अम्बेडकर जयंती पर उनको याद करते हुए कहा कि देश में आज तनाव और हिंसा का माहौल है, जिसे देखकर चिंता होती है कि पता नहीं देश किस दिशा में जाएगा। जाति-धर्म की राजनीति हो रही है, लेकिन मैं अपनी जाति का अकेला विधायक हूं। तीन बार से सीएम हूं।
जवाबदेही कानून की फिर उठी मांग
सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने कहा कि लंबे समय से जवाबदेही कानून की मांग कर रहे हैं, अच्छी से अच्छी योजना भी तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी।
मिलकर रहेगा अधिकार
गहलोत ने कहा, आज हम विश्व गुरु बनने की बात कर रहे हैं, विदेशों में जरूरतमंदों को वीकली पैसा मिलता है। देश में राइट टू सोशल सिक्योरिटी के लिए सिविल सोसाइटी मुहिम चलाए। आज नहीं तो कल इसे लागू करना ही होगा।
What's Your Reaction?