राजस्थान में मंत्रियों की खींचतान: खाचरियावास का धारीवाल पर पलटवार

<p><em><strong>राजस्थान सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अषोक गहलोत के बीच जारी सियासी जंग में अब मंत्रियों की खेमेबंदी भी सामने आने लगी है। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बयान पर खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने पलटवार किया है। खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- राहुल गांधी की यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ थी। सचिन पायलट भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी यात्रा निकाल रहे है। इसमें कोई गुनाह नहीं है।&nbsp;</strong></em></p>

राजस्थान में मंत्रियों की खींचतान: खाचरियावास का धारीवाल पर पलटवार
13-05-2023 - 09:11 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के पानी पिलाने वाले बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देना सही नहीं है। इससे कांग्रेस पार्टी कमजोर होती है। इसको लेकर प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी शिकायत की है। खाचरियावास शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित आवास पर मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा- कांग्रेस पार्टी अनुशासन की पार्टी है। इसलिए इस समय किसी भी नेता को अनुशासन नहीं तोड़ना चाहिए। गलत बयानबाजी करने से बचना चाहिए। चाहे वह नेता कोई भी हो।
धारीवाल को संयम रखना चाहिए
मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- शांति धारीवाल जी को संयम रखना चाहिए। यह पानी पिलाने का वक्त नहीं है। किसी को पानी पिलाने का बयान न देकर सबको गले लगाने का बयान देना चाहिए। ताकि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में सही मैसेज जाए। इस बार राजस्थान में कांग्रेस सरकार रिपीट कर रही है। ऐसे में इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। गुरुवार को जयपुर में घाट की गूणी पर पूर्व राज्यपाल स्व. पं. नवल किशोर शर्मा की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम था। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ही शांति धारीवाल भी थे। इसी कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर जमकर तंज कसा गया था। कहा था- आज गहलोत ने अच्छे-अच्छों को पानी पिला दिया है।

कांग्रेस ने की थी सेंट्रल एजेंसी से जांच की मांग
खाचरियावास ने कहा- राजस्थान में 2008 में बीजेपी की सरकार थी। वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं। उस वक्त ही जयपुर में ब्लास्ट हुए थे। उस वक्त की बीजेपी सरकार ने न तो ब्लास्ट मामले की अच्छे से जांच की। ना ही पीड़ितों को कोई अच्छा राहत पैकेज दिया। यहां तक कि ब्लास्ट मामले की मजबूत चार्जशीट तक नहीं बनाई गई। तब कांग्रेस ने सेंट्रल एजेंसी से जयपुर ब्लास्ट मामले की जांच कराने की मांग की थी। लेकिन बीजेपी ने कांग्रेस की उस मांग को भी पूरा नहीं किया। इसके बाद जब जयपुर ब्लास्ट आरोपियों की रिहाई हो गई। अब बीजेपी के नेता इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रहे है। हकीकत में दोषियों की रिहाई के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता और तत्कालीन बीजेपी सरकार जिम्मेदार है।
नाटक कर रहे बीजेपी नेता
खाचरियावास ने कहा- बीजेपी के नेता आज भी ब्लास्ट मामले को लेकर नाटक कर रहे हैं। बीजेपी नेता मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। दिल्ली में ब्लास्ट पीड़ित परिवार को ले जाकर याचिका लगवा रहे हैं। राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ब्लास्ट मामले की जांच को लेकर याचिका दायर कर दी है। पॉलिटिकल स्टंट करने के लिए बीजेपी के नेता इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। अगर असलियत में बीजेपी को ब्लास्ट पीड़ितों को न्याय दिलाना है, तो केंद्र सरकार कोई ऐसा कानून क्यों नहीं बनाती, जिसमें ब्लास्ट मामले के आरोपियों को सीधे फांसी देने की सजा का प्रावधान हो।
15 साल बाद बीजेपी को याद आए ब्लास्ट पीड़ित
खाचरियावास ने कहा- राजस्थान में चुनावी साल शुरू हो गया है। इसलिए बीजेपी के नेता 15 साल तक जिन ब्लास्ट पीड़ित परिवारों के घर नहीं गए। वहां जाकर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि राजस्थान में बीजेपी के नेता 4 साल तक विपक्ष की भूमिका निभा नहीं पाए। इसलिए अब ब्लास्ट मामले को मुद्दा बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। राजस्थान की जनता बीजेपी के झूठे बहकावे में नहीं आएगी। बल्कि अब तो बीजेपी के नेताओं को राजस्थान की जनता से माफी मांगनी चाहिए। ब्लास्ट के दोषियों की रिहाई के लिए सिर्फ बीजेपी की तत्कालीन सरकार और नेता जिम्मेदार हैं।
जयपुर हमेशा एक ही रहेगा
प्रताप सिंह खाचरियावास ने हनुमान चालीसा की चैपाई दोहराते हुए कहा- इस बार बजरंगबली की कथा चल गई है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आ रही है। सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी की जीत होगी। उन्होंने कहा कि जयपुर हमेशा एक ही रहेगा। जयपुर में कितने भी कलेक्टर हों या कितने भी एसपी हों। जयपुर का नाम नहीं बदलेगा। जयपुर का नाम एक ही रहेगा। वह नाम जयपुर ही रहेगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।