मोहम्मद साहब पर टिप्पणियों को लेकर जुम्मे की नमाज के बाद कानपुर में बवाल
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भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा की मोहम्मद साहब को लेकर की गयी टिप्पणी से मुस्लिम समाज में जबर्दस्त नाराजगी है। इसी नाराजगी के चलते शुक्रवार, 3 जून को विशेषतौर पर जुमे की नमाज के बाद कानपुर में दंगा भड़क गया। नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों और पुलिस पर पथराव किया और भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा।
उल्लेखनीय है कि जोहर फैंस एसोसिएशन और अन्य मुस्लिम तंजीमों ने पहले से ही शुक्रवार, 3 जून को मुस्लिम समुदाय से अपने-अपने कारोबार बंद रखने की अपील की थी। यही वजह थी कि कानपुर में सुबह से ही तलाक महल, कर्नलगंज, हीरामन पुरवा, चमनगंज, बेगनगंज, दलेल पुरवा, मेस्टन रोड, बाबू पुरवा, रावतपुर व जाजमऊ में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद थे। इसके बाद जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों से एलान किया गया कि वह मोहम्मद साहब पर की गई किसी भी अमर्यादित टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
यद्यपि पुलिस ने किसी भी क्षेत्र में लोगों को नमाज के बाद प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद नूपुर शर्मा पर पैगंबर-ए-इस्लाम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी लेकर नाराजगी में प्रदर्शन करते मुस्लिम समाज ने जुलूस निकाला था। लेकिन, परेशानी तब खड़ी हुई जब नमाज के बाद महिलाओं बच्चों और युवकों की टोली बैग हाथों में लेकर घुस गई और वहां मौजूद 25 परिवारों पर हमला बोल दिया। इसके बाद से दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ। एक दर्जन से अधिक लोगों के सरफटे व कई अन्य लोग घायल हो गये।
कानपुर में पथराव की इस घटना के बाद कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस ने ट्विटर पर टिप्पणी की है, 'भाजपा ने भीड़तंत्र के रूप में जो भस्मासुर पाले हैं, अब वे रंग दिखा रहे हैं। कितनी गंभीर बात है कि देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सभी कानपुर में हैं, उसके बाद भी वहां हिंसा भड़क गई। यूपी में कानून का राज खत्म हो चुका है। आम जनता से अपील है कि कृपया शांति बनाएं रखें।'
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